ये सपना आया तो समझे बहुत जल्दी होने वाले है आप धनवान

sapne me paise dekhna

आपने सोते समय अनेक सपने देखे होंगे जिनमे से कुछ आपको या होंगे तो कुछ नहीं. परन्तु आपके जिस सपने की आज हम बात कर रहे है अर्थार्त sapne me paise dekhna का क्या मतलब होता है यदि आपको वह दिख जाए तो समझो आप शीघ्र धनवान होने वाले है . यह सपना केवल तभी आता है जब आप भाग्यशाली होने वाले होते है. तो दोस्तों चलिए शुरू करते है.

हर किसी का यही सपना होता है की sapne me paise dekhna उसके पास ढेर सारा पैसा हो , ऐशो आराम की जिंदगी वह जिए. परन्तु यह भी सच्चाई है की हर कोई इतना किस्मत वाला नहीं होता है क्योकि ऐसी किस्मत केवल कुछ गिने चुने लोगो की ही होती है. बाकी लोग तो केवल धनवान होने के सपने ही देखते रह जाते है .लोग उन्हें कामचोर और नाकारा कहते हैं लेकिन हम इस बारे में कुछ और ही बताना चाहते हैं।

आप दिनभर सोने और सपने देखने के अलावा कुछ और नहीं करते लेकिन फिर भी चाहते हैं कि आपको धन-दौलत मिल जाए। देखा जाए तो यह बहुत मुश्किल ही है परंतु गहरी नींद के समय आप जिन सपनों को देखते हैं उनमें से कुछ सपने आपको वाकई अमीर भी बना सकते हैं।

जी हां दोस्तों दरअसल स्वप्न शास्त्र के अनुसार हमे आने वाले कुछ बहुत विशेष होते है तथा उनमे बहुत गहरा अर्थ छुपा होता है तथा ये आपको आर्थिक रूप से समृद्धशाली बना सकते है. आइए जानते हैं उन सपनों के शुभ संकेतों के बारे में, जिन्हें देखने के बाद यह निश्चित है कि आपके ऊपर लक्ष्मी जी की कृपा बरसेगी ही बरसेगी।

अगर आपको सोते समय ऐसा सपना आये की आप किसी हरे भरे पार्क में या जंगल में घूम रहे हो . आपके चारो तरफ हरियाली ही हरियाली हो तो यह सपना सीधा सीधा इशारा करता है की आप के ऊपर माँ लक्ष्मी की कृपा होने वाली है. निकट भविष्य या तो कोई अवसर आपके पास आएगा जिस वजह से आप धनवान होंगे या कोई व्यक्ति आपको आपका पुराना उधार चूका सकता है.

Sapne me mandir dekhna

यदि आप सपने में मंदिर के अंदर अपने आपको देखते हो .. या फिर किसी सपने में भगवान की तस्वीर देख रहे या सपने में घंटी और शंख की आवाज आ रही है तो यह बहुत ही बढ़िया सपना होता है . इसका मतलब है की साक्षात् भगवान की कृपा आप पर हो गई है. आप जहा कही पर भी रहे हर समय भगवान आपके साथ है और आपके मदद कर रहे है. कई बार हमें सपने में मृत व्यक्ति यदि आशीर्वाद दे तो यह भी हमारे लिए शुभ संकेत होता है

Sapne me maa lakshmi dekhna

अगर आपको सपने में माता लक्ष्मी का वाहन उल्लू या फिर सपने में माँ लक्ष्मी की फोटो या स्वयं सपने में माँ लक्ष्मी दिखाई दे तो समझे की आपके गरीबी के दिन अब चले गए . क्योकि माता लक्ष्मी आपके घर आ रही है. आपको नौकरी व्यापार या जो भी कार्य को आप कर रहे थे उसमे आपको सफलता हाथ लगने वाली है.

sapne me ladki dekhna

अगर आप किसी काम से बाहर जा रहे हैं और रास्ते में आपको सपने में लाल साड़ी पहने, श्रृंगार किए हुए कोई स्त्री दिख जाती है यह इस बात को दर्शाता है कि वह आपके सामने महालक्ष्मी का रूप लेकर आई है। निश्चित तौर पर आपके पास पैसे आने वाले हैं।

हिन्दू शास्त्रों में शुक्रवार का दिन महालक्ष्मी का दिन माना गया है। अगर कुछ दिनों से आपके साथ धन हानि हो रही है यानी की पैसो का नुक्सान हो रहा है तो शुक्रवार के दिन आप किसी कन्या को 10 रूपये का सिक्का पकड़ाए , यह आपके लिए लक्की साबित होगा . इस सिक्के के जरिये आपको माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी.

sapne me gaay dekhna

घर से बहार निकलते समय यदि सुबह आपको सफेद गाय दिख जाए तो समझो आपका पूरा बहुत अच्छा जाने वाला है. सफेद गाय को सुबह सुबह देखना बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है. परन्तु है काली गाय यदि आपको सुबह दिखे तो उसका कुछ ख़ास लाभ आपको प्राप्त नहीं होता है.

sapne me saap dekhna

अगर आपको अपने सपने में सफेद रंग का सांप दिखाई दे तो यह इस बात का संकेत है कि आपके घर पर मां लक्ष्मी की कृपा बरस रही है। संभव है कि आपको जल्द ही बड़ी संपत्ति हाथ लगने वाली हो।

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अगर आप किसी यात्रा के लिए जा रहे हैं और रास्ते में आपको अपने दाहिने हाथ की ओर सपने में कुत्ता, सपने में बंदर, सपने में सांप या फिर सपने में कोई पक्षी नजर आ जाए तो यह इस बात का संकेत है कि आपकी यात्रा मंगलमय साबित होने वाली है।

sapne me kalash dekhna

शुक्रवार के दिन कोई कन्या आपको पानी से भरा सपने में कलश उठाए दिखाई दे तो यह एक अच्छा संकेत कहा जा सकता है। परंतु अगर उसके हाथ में आपने खाली कलश देख लिया है तो आगामी समय में धन से संबंधित कोई नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सुबह आंख खोलते ही अगर आपकी नजर दूध, दही या दूध से बने किसी पदार्थ पर पड़ती है तो समझ लीजिए आपका दिन बहुत अच्छा बीतने वाला है।बहुत से लोग जेब से धन गिरना अशुभ मानते है परन्तु आपको बता दे की यदि आप धन से जुड़े किसी कार्य के लिए जा रहे हैं और जेब से पैसे गिर जाएं तो यह इस बात की ओर इशारा करता है की आपका जो काम है वह सफल होना निश्चित है.

गलती से भी न लगायें घर में पितरों या पूर्वजों की ऐसी फोटो वरना भुगत सकते हैं भारी नुकसान

purvajo ki photo kaha lagana chahiye

अक्सर हमे वास्तु ज्ञान नहीं होने के कारण ये पता नहीं होता की purvajo ki photo kahan lagana chahiye और हम अपने पितरो की फोटो घर में ऐसी जगह लगा देते है जो शास्त्र के अनुसार बिलकुल गलत मानी जाती है और फिर उसी वजह से हमे पितृ दोष भी लगता है और घर में परेशानियाँ, लड़ाई झगड़े, और धन की कमी ऐसी समस्या आने लगती है.

आज हम आपको घर के उन्ही विशेष स्थान के बारे में बताने जा रहे है जहा आपको भूल से भी आपने पूर्वज पितरो की फोटो नहीं लगानी है वरना आपको नुक्सान होगा ही साथ ही साथ आपके पितरो पर भी इससे कष्ट आता है.

दोस्तों बात करते है पितरो और पूर्वजो की फोटो  या परिवार की ही फोटो घर पर कहा लगाए. दरअसल दोस्तों वास्तु में पितरो, पृवजो तथा परिवार की फोटो लगाने के कुछ जरूरी नियम होते है और उस तरह लगाई गई फोटो घर में सुख शांति देते है. परन्तु यदि इन्हे गलत जगह पर हम लगाते है तो यह हमारी घर की खुशियों को ले डूबते है.

अक्सर हम में से बहुत से लोग यह गलती करते है की जब वह भगवान की तस्वीर लगाते है तो साथ ही में पूर्वजो की तस्वीर भी लगा देते है. हम यह समझ सकते है की मृत सदस्य आपके लिए सम्मानित होते है भगवान के समान ही वह आपके लिए पूजनीय होते है. परन्तु वास्तु की माने तो भूल से भी हमें अपने purvajo ki tasveer घर के मंदिर में नहीं लगानी चाहिए. यदि आप पूजा घर में अपने मृत परिवार के सदस्यों की फोटो लगाते है तो इससे आप सीधे सीधे अपने दुर्भाग्य और दुःख को अपने घर निमंत्रण दे रहे हो .

family photo ki disha

घर वालो की तस्वीर लगाने के लिए वास्तु में ख़ास दिशा निर्धारित है और आप केवल उसी दिशा में फोटो लगा सकते है. ऐसा करने से परिवार में प्यार बना रहता है. यदि आप  परिवार की जीवित सदस्यों की फोटो लगाना चाहते है तो घर की उत्तर दिशा या पूरब दिशा .. या उत्तर पूरब दिशा सबसे श्रेष्ठ है. ये दिशा करीबी रिश्तेदारों की फोटो लगाने के लिए सबसे फायदेमंद होती है.

पितरों की फोटो की दिशा

इसके अल्वा घर की किसी भी दिशा में आप अपने परिवार की फोटो ना लगाए . और जो भी परिवार के सदस्य गुजर गए है हमारे बड़े बुजुर्ग जो स्वर्ग सिधार चुके है. उनके लिए आपको घर की दक्षिण दिशा और पश्चिम दिशा या दक्षिण पश्चिम दिशा इन दिशाओ पर ही अपने मृत purvajo ki photo आपको लगानी चाहिए.

mrit vyakti ka photo kaha lagana chahiye

दोस्तों यह ध्यान रखे की क्यों हमारे हिन्दू धर्म में हमारे पूर्वज एवं पितरो की तस्वीर भगवान के साथ नहीं लगाई जाती है . क्योकि जब इंसान की मृत्यु होती है तो उसकी आत्मा शरीर छोड़कर दूसरी शरीर में चले जाती है और सिर्फ आत्मा की ही पूजा करते है शरीर की नहीं . इसलिए जब शरीर का दाह संस्कार कर दिया जाता है तो मृत व्यक्ति की पूजा भगवान के साथ भूल कर भी नहीं करना चाहिए . क्योकि यह भगवान की निंदा मानी जाती है . इसलिए आप भी अपने purvajo ki photo इधर उधर रखते है. तो बातो को आप गाँठ बाँध ले. वरना आपको नुक्सान हो सकता है.

हर कोई अपने घर को सजाने के लिए अनेक तरह के उपाय करता है. हर चीज़ की सफाई तथा चीज़ो को सही जगह पर रखना बहुत जरूरी है क्योकि इससे हमारे घर पर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. ऐसे में हम घर को सजाने के लिए और घर की दीवारों पर तस्वीर भी लगाते है.

ज्योतिष और वास्तु दोनों के ही अनुसार बताया गया है की घर में लगी इन तस्वीरों का भी हमारे जीवन में बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है. परिवार के सदस्यों, उनकी मानसिकता और उनके कार्यो पर इसका असर सीधे सीधे देखा जा सकता है. इसलिए हमें अपने घर में कुछ ऐसे फोटो को लगाने से बचना चाहिए जो हमारे लिए दुःख और कष्ट लेकर आते है क्योकि भले ही हम कितनी भी पूजा पाठ करे या उपाय परन्तु ये जो छोटे छोटे फोटो या मूर्ति जो घर में रखी होती है निगेटिविटी हमारे घर में भरते ही रहते है और हम इससे अनजान रहते है.

vastu ke anusar ghar me photo

अक्सर देखा जाता है की कई लोग अपने घर की दीवार को सजाने के लिए डूबती हुई नाव की तस्वीर वाली फोटो लगा देते है. ऐसी फोटो हमे घर पर बिलकुल भी नहीं लगानी चाहिए क्योकि यह हमे अंदर ही अंदर जब भी हमे इसे देखते है तो गहरा प्रभाव हम पर डालता है. क्योकि ऐसी जो भी फोटो होती है वह हमारे लिए भाग्य से संबंधित बढ़ाये उतपन्न करने लगती है. घर में परिवार में तनाव बढ़ता रहता है और हम समझ भी नहीं पाते है. क्योकि यह हमारे जीवन में वास्तु दोष उतपन्न करता रहता है.

दोस्तों भगवत गीता की बुक पढ़ना तो काफी अच्छी बात होती है परन्तु वही महाभारत युद्ध की फोटो को लगाना बहुत ही गलत होता है क्योकि यह हमारे सोच को आक्रमक बनाती है. युद्ध की कोई भी फोटो हो चाहे वह रामयण की फोटो हो राम रावण के युद्ध करते समय की फोटो या फिर आप महाभारत का युद्ध ले लीजिये या फिर झांसी की रानी का ही ले लीजिये इन सभी फोटो को घर में लगाने से घर के सदस्यों का स्वभाव गुस्से वाला तथा आक्रमक होने लगता है और महाभारत का युद्ध पारिवारिक तनाव की वजह से ही हुआ था इसलिए महाभारत के युद्ध के चित्र आपको नहीं लगाने चाहिए.

इसी तरह से बहुत से लोग पोस्टर लगा लेते है अपने बैड के पीछे या कहि भी जैसे फवारे की, पानी की , इस प्रकार की तस्वीरें देखने में तो बहुत सुन्दर होती है. आकर्षक भी होती है. और सभी इसको घर पर लगा लेते है. लेकिन आपको बता दू की फव्वारे की फोटो आपको कभी भी घर पर नहीं लगानी चाहिए. क्योकि जिस प्रकार फवारे का पानी बहता है उस प्रकार धीरे धीरे आपके घर का धन भी बह जाता है यानी काम होने लगता है. घर में ऐसी तस्वीर आपको लगाने से बचना चाहिए .

कभी भी जंगली और हिंसक जानवरो की फोटो भी आपको नहीं लगानी चाहिए. क्योकि घर में लगी इनकी फोटो हर रोज देखने से हमारा स्वभाव भी हिंसक होने लगता है. इससे घर में क्लेश और अशांति बढ़ने लगती है. अब बात आती है की फिर घर में कौन सी ऐसी फोटो लगाए जिससे घर में शांति हो , घर में सकरात्मक ऊर्जा आती हो.

दोस्तों आप चाहे तो अपने घर परिवार की फोटो लगा सकते है  अपने जो pitra aur purvajo ki photo लगाए , लव बर्ड्स आदि की फोटो लगाए . खूबसूरत पिक्चर लगाए, जिनमे गहराई हो . इस प्रकार के चित्र लगाने से आपके घर में शांति और सुख का माहौल रहता है.

यदि आप अपने घर में अपना वैवाहिक जीवन सुखमय बनाना चाहते है तो अपने बैडरूम में आप राधा कृष्ण की फोटो अवश्य लगाए. इससे पति पत्नी के बिच में प्यार का रिश्ता और भी अधिक गहरा होता है. यदि आप धन की कामना करते है तो घर की जो उत्तर दिशा है वहा पर लक्ष्मी माता की, कुबेर देवता की इनकी फोटो आपको लगानी चाहिए . इससे घर में धन का आवगमन रहता है. जो लोग अपने कॅरियर में सफलता चाहते है वह अपने कमरे में उत्तर दिशा की तरफ. तैरती हुई मछलियों या फिर पानी से बहार उछलती हुई डॉल्फिन की फोटो लगाए .

आपकी ये चीज़ भी आपके पति के लिए ला सकती है संकट और कर्ज

दोस्तों क्या आप जानते है जो आभूषण महिला धारण करती है खासकर बिछिया, यह भी आपके पति को गरीब बना सकती है या फिर आपके पति के जीवन में संकट ला सकती है. परन्तु कौन सी वह परिस्थिति है जो इन सभी का कारण बनती है उसके लिए आप इस वीडियो को अंत तक जरूर देखे. शगुन शास्त्र में सोने एवं चांदी से जुड़े अनेक ऐसी बात बताई गई है जिनके बारे में सभी को जानना बहुत ही जरूरी है. क्योकि सोना एवं चांदी सभी का प्रिय होता है . ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोने के गहने का खोना और मिलना दोनों ही अपशगुन का कारण होते है. सोने का कोई गहना यदि आपको मिलता है तो उसे ना ले. क्योकि यह आपके जीवन में कहि ना कहि गरीबी का कारण बनता है. दरसल सोना गुरु ग्रह से संबंधित होता है इसलिए सोने का गुम होना या इसका मिलना गुरु ग्रह के प्रभाव को घटाता या बढ़ाता है.

वैसे तो आभूषण सभी लोग पहनते है खासकर महिलाये आभूषणों को सबसे ज्यादा धारण करती है इसलिए गुरु ग्रह सबसे ज्यादा महिलाओ को ही प्रभावित करता है. गुरु ग्रह की वजह से ही उनका दाम्पत्य जीवन कैसा रहेगा, पुत्र विर्धि कैसी रहेगी , या उनके जीवन में पुत्र पौत्र की जो सौभाग्य उन्हें है प्राप्त होंगे या नहीं ये सभी चीज़े गुरु ग्रह के प्रभाव पर निर्भर करता है. यदि किसी के कान का घना यानि जैसे की ईयरिंग होते है जो की गुम जाते है तो उन्हें कही से बुरी खबर मिलती ही मिलती है निकतम भविष्य में. क्योकि कान जो है वह भी कभी महत्व रखता है. आपने देखा होगा की काफी महिलाये बहुत से कान छिदवा के रखती है और कानो में उनके कोई न कोई आभूषण जरूर होता है. परन्तु यदि वह खो जाए खासकर सोने का आभूषण यदि खो जाए तो परिवार से संबंधित कोई बुरी खबर उन्हें मिलती है. इसलिए यदि आपके कान का कोई आभूषण खोता है तो उसे ढूढ़ने का प्रयास जरूर करे. वही अगर नाक की जो नथ यानि की लॉन्ग होती है, वो अगर खो जाती है सोने की या चांदी की तो आप पर अपमान का छाया आने लगता है. क्योकि नाक का जो संबंध होता है वह आपके सीधे सीधे बुध ग्रह से होता है.

क्योकि लाल किताब में भी बताया गया है की यदि आपको दिमाग से संबंधित समस्या आती है, जैसे याद रखने में कोई परेशानी अथवा व्यापार में आपका मन नहीं लग रहा है जिस वजह से नुकसान हो रहा है या बुद्धि भ्र्ष्ट हो चुकी है तो इन स्थिति में व्यक्ति नाक छिदवाले तो उसे शुभ परिणाम प्राप्त होने लगते है. ऐसे में यदि स्त्रियों के नाके की लॉन्ग या नाथ खो जाती है तो तब बुध अपना बुरा प्रभाव उन्हें देने लगता है. पुराने जमाने से ही बुध और गुरु ग्रह के प्रभाव को समझते हुए उनके हिसाब से ही महिलाये के साथ ही पुरुषो के शरीर के अंग जैसे कान छेड़े जाते थे. अब अगर आप सर का गहना देखे जैसे मांगटीका होता है अगर वह कही गुम जाता है तो आपके जीवन में कही न कही धन से संबंधित परेशानी आपको झेलनी पड़ती है और सबसे ज्यादा परेशानी आपको जो झेलनी पड़ सकती है वह है कर्ज से संबंधित. इसके साथ ही मानसिक परेशानिया भी आपको घेरने लगती है. अगर आपके गले का हार या मंगलसूत्र या गले की चैन अथवा लॉकेट गुम जाए तो आपके ऐश्वर्य में कमी आने लगती है. ऐश्वर्य जो आपने समाज में कमाया था, इज्जत उन सब में कमी आने लगती है. अगर बाजूबंद क्योकि पुराने जमाने की महिलाये बाजूबंद लगातार पहन के रखती थी, इन्हे वह हमेसा पहन के रखती थी अब जो है ये चीज़े नहीं देख्नते को मिलती है परन्तु शगुन शास्त्र या ज्योतिष शास्त्र जो है हमारे बहुत पुराने समय से चला आ रहा है. तो उसमे यह वर्णन बिलकुल साफ़ ढंग से देखने को मिलता है की बाजूबंद जो आपका खो जाता है तो पैसे से जुडी समस्या आपको आती है. खास तोर पर यह किसी दुल्हन का गुम जाता है तो जैसे नवविवाहिता का गुम जाता है तो उसके पति के जीवन में धन के आगमन में कष्ट आने लगता है. तथा परिवार में भी धन का कष्ट रहता है. अगर आपके हाथो में धारण किये गए कंगन अथवा चुंडी आपके हाथ से खो जाती है तो भी यह आपके सुहाग के नौकरी अथवा उसके व्यापार में कष्ट उतपन्न करती है.

वही किसी शुभ स्थिति में आप किसी से कंगन लेते हो तो यह आपके जीवन में खुसिया एवं धन का आगमन करता है. अगर सोने या चांदी की आपकी अंगूठी खो जाती है या उसे कोई चोरी कर लेता है तो निकतम भविष्य में आपको स्वास्थ्य से संबंधित परेशानिया उठानी पड़ती है.यह इशारा होता है की आपके जीवन में कोई बिमारी आने वाली है. तो अगर आपकी कभी अंगूठी खो जाए तो उसे ढूढ़ने की कोशिस करे की वह आखिर कहा खो गई है.

दोस्तों आप बात करते है पैरो के आभूषण की जिसमे सबसे मुख्य आते है पैरो की बिछिया तथा पायल. शास्त्रों में पायल की विशेषता बताते हुए यह कहा गया है की जिस घर में पैरो के पायल की आवाज होती है वहा सदैव माँ लक्ष्मी वास करती है. इसलिये घर की हर स्त्री को पैरो में पायल अवश्य ही पहनने चाहिए. इसके साथ ही आपके पति के भाग्य को मजबूत बंनाने के लिए स्त्री के पैरो की बिछिया भी काफी महत्वपूर्ण होती है
कहा जाता है बीछिया पहनने का हक केवल शादीशुदा औरंतों का ही होता है. इसे अविवाहित लड़कियां धारण नही करती हैं, कहा जाता है इसको हमेशा पहनने से महिलाओं का मासिक चक्र नियमित रुप से होता है.साथ ही गर्भधारण में भी किसी भी तरह की परेशानी नहीं आती है, लेकिन आप नहीं जानते होगे कि यदि महिलाएं अपने पैर के बिछियेे का सही तरह से अपयोग नहीं करती हैं तो वह अपने पति के बर्बादी का कारण भी बन सकती हैं.बता दे कि औरंतो की पैर की दूसरी अंगुली की तन्त्रिका का सीधा संबध गर्भाशय से होता है जो कि हृदय से होकर गुजरती है , आपने देखा होगा कि औरंते बिछिया केवल पैर के दाहिने तथा बायें पैर की दूसरी अंगुली में ही पहनती हैं, क्योंकि यह गर्भाशय को नियन्त्रित करेगी और गर्भाशय में सन्तुलित रक्तचाप द्वारा उसे स्वस्थ रखेगी।

कहा जाता है कि बिछिया के बिना हर सिंगार अधुरा रहता है,ज्योतिष अनुसार इसको पहनने का एक दूसरा कारण यहा है कि इसे पहनने से सूर्य और चांद्रमा का प्रतिक माना जाता है , सूर्य और चंद्र की कृर्पा आप पर बनी रहे इसीलिए भी महिलाएं बिछिया पहनती हैं,साथ ही ध्यान रखें कभी भी सोने का बिछिया पैरों में नहीं पहनना चाहिए, हमेशा चांदी का बिछिया ही पैरों में पहने.बिछिया पहनते समय ध्यान रखें कि यह कभी भी आपकी पैर की ऊगली में से खोने नहीं चाहिए, और साथ ही अपनी पहने हुए बिछये किसी ओर को उतार कर नहीं देने चाहिए.
क्योंकि ऐसे करने से आपके पति बिमार पड़ सकते है. परेशानियां दिन पर दिन बढ़ने लगती हैं, पति भारी कर्ज भी हो सकता है. तो दोस्तों यदि आप की भी आभूषणों से जुडी कोई शंका हो तो आप हमे कमेंट बॉक्स में बता सकते है. हम उसका जवाब जरूर देंगे अभी के लिए धन्यवाद.

अगर आप भी मांग में ऐसे लगाते है सिंदूर तो आपके पति हो सकते है आपसे दूर

sapne me mang me sindur

आज हम आपको बताएंगे sapne me mang me sindur लगाते देखने का क्या मतलब होता है और एक ऐसी गलती जो महिला हमेसा mang me sindur लगाते समय करती है परन्तु इस गलती को आप नजर अंदाज ना करे क्योकि यह आपके परिवार पर कष्ट ला सकता है और आपके पति से बिछडाव यानी की दूर का कारण भी बन सकता है.

sapne me mang me sindur lagana

यदि आपको सपने में सिंदूर दिखाए दे तो यह भी बहुत ही शुभ माना जाता है. sapne me mang me sindur का दिखाई देना ऐसा माना जाता है की इससे आपको आपके मायके से को बहुत ही बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है और अगर कोई अशुभ आपके साथ होने वाला होता है तो वह भी टल जाता है. अगर कुंवारी स्त्री को sapne me khud ko sindoor lagana दिखाई दे तो इसका मलतब है की उसकी शादी उसके मनचाहे पसंद के वर के साथ होने वाली होती है.

अगर घर में आपकी आपके पति से बन रही है या घर में लड़ाई कलेश इत्यादि का माहौल रहता है तो इस दोष को दूर करने के लिए आप सरसो के तेल में थोड़ा सा सिंदूर मिलाकर अपने घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक या ॐ का प्रतीक बनाये. इससे आपके पति का प्यार आपके लिए अधिक बढ़ जाता है और कलेश इत्यादि का माहौल दूर हो जाता है. यदि आप पति पत्नी के झगडे से ज्यादा परेशान है तो हमारे आचार्य जी से इसका समाधान ले सकते है

एक हिन्दू परिवार से संबंधित शादीशुदा महिला को सिंदूर की महत्वता भली प्रकार से पता होती है. सिंदूर को हमारे हिन्दू धर्म में सुहाग की निशानी माना जाता है और एक महिला के सम्मान में इसका बड़ा योगदान होता है. लेकिन सिंदूर के बारे में हमें सही जानकारी जैसे की उसे कैसे लगाना है और आखिर ये क्यों लगाया जाता है इन सभी का हमे पता नहीं होता और फिर गलत तरिके से सिंदूर का प्रयोग करने के कारण ही हमें दोष लगता है . जो पति पत्नी के बिच लड़ाई झगड़ा ग्रह क्लेश तथा और घर में गरीबी दरिद्रता का कारण बनता है.

दरअसल मांग में सिंदूर लगाने के पीछे अनेक कारण है, ज्योतिष कारण, समाजिक कारण और वैज्ञानिक कारण. तो दोस्तों आज हम इन सभी विषय पर बात करेंगे और साथ ही यह भी बताएंगे की किस तरिके से आप सिंदूर लगाए.

दोस्तों शास्त्रों में बताया गया है की यदि महिला सिंदूर लगाने का सही तरीका जान ले तो उनकी शक्ति और अधिक बढ़ जाती है. जैसे की दोस्तों त्राटक या मैडिटेशन से कोई भी व्यक्ति अपना sixth sense यानि की अपना छठा आज्ञा चक्र खोल देता है और जिसका छठा आज्ञा चक्र जागृत होता है उसमे दुसरो की मन की बात जाने की शक्ति आ जाती है.

ठीक उसी प्रकार आपने गौर किया होगा की जो महिला सदैव मांग में सिंदूर लगाकर रखती है उन्ह कई बार ऐसा होता है की जो भी कोई अनहोनी होने वाली होती है उसका उन्हें पहले ही आभास हो जाता है . दोस्तों इन चीज़ो को आप अपनी मम्मी, दादी , नानी या जो भी बुजुर्ग महिला है जो कई सालो से सिंदूर लगाती आई है. उनके व्यवहार तथा उनके आचरण को परख कर देख सकती है. ये सभी चीज़ उन्हें पहले से ज्ञात इसलिए हो जाती है क्योकि उनका आज्ञा चक्र जागृत अवस्था में होता है.

दोस्तों नारी को एक शक्ति का रूप माना गया है. आपने ये गौर किया होगा की जब कोई भी गर्भवती महिला कन्या को जन्म देने वाली होती है उन नो महीने में उस महिला के साथ अच्छी घटनाये होने लगती है. उसकी जो भी मनोकामना होती वह पूरी होती है. शस्त्रों में ऐसा कहा गया यह सभी घटनाये इसलिए होती है क्योकि वह शक्ति को जन्म देने वाली होती है. ऐसा माना जाता की जो भी स्त्री सदैव सिंदूर लगा के रखती है उसमे ऐसी उर्जाये जागृत रहती है जो उन्हें हर परेशानी से बचाये रखती है साथ ही अपने परिवार को भी संरक्षण प्रदान करने का कार्य करती है.

mang me sindur kaise lagaye

दोस्तों अब बात करते है की कैसे मांग का सिंदूर आपको और आपके पति एवं परिवार को प्रभावित करता है. शस्त्रो के अनुसार जो भी स्त्री अपने मांग के सिंदूर को अपने बालो के पीछे छुपा लेती है तो उसके पति को समाज में मान समान नहीं मिल पाता. जिस उचाई को वह छूना चाहते है वहा तक वे पहुंच ही नहीं पाते तथा हमेसा असफल रहते है. समाज में तथा रिश्तेदारों के बिच में वह छुप कर रह जाते है. इसलिए सिंदूर जितना लम्बा आप लगाएंगे और आगे की तरफ माथे पर लगाएंगे आपके पति का भाग्य उतना ही अच्छा एवं प्रबल होगा. क्योकि माथे पर सिंदूर लगाने सी स्त्री की शक्तिया जागृत रहती है.

sindur lagane ka tarika

शास्त्रों में यह स्पष्ट बताया गया है की महिला को सदैव नाक की सिद्ध पर ही माथे में सिंदूर लगाना चाहिए. कभी कभी महिला जब टेढ़ी मांग निकालती है तो उसी जगह पर वह सिंदूर लगा देती है शास्त्रों में ऐसा करना बहुत अशुभ मन गया है . ऐसा करना आपको आपके पति से दूर कर देता है.

sindoor kis din lagana chahiye

अगर आप ऑफिस में काम करने वाली महिला है या किसी कारण से आप रोज माथे पर मांग में सिंदूर नहीं लगा सकती है तो कम से कम जो आपके त्यौहार होते है आपकी सालगिराह होती है या आपके घर में कोई पूजा पाठ होती है करवा चौथ या कोई तीज का त्यौहार हो तो इन मोको पर आप अपने माथे पर सिंदूर अवश्य लगाए क्योकि यह सुहाग की निशानी होती है तथा सिंदूर लगा कर आप कोई भी शुभ कार्य या पूजा पाठ करती है तो उसका फल कई गुना आपको मिलता है.

नवविहित कन्या इस बात का जरूर ध्यान रखे की जो विवाह के समय उन्हें मांग में सिंदूर लगाया जाता है वह जो सिंदूर होता है उसे संभाल कर रखे और जब कोई विशेष कार्य या विशेष पूजा आपके घर हो तो उस समय पर थोड़ा थोड़ा वह सिंदूर आप लगाए. इससे विवाह के समय जो आपको विशेष आशीर्वाद मिलता है वह हमेसा आपके कार्यो में आपको सफलता दिलाता है तथा आपके परिवार में खुशिया एवं सुख समृद्धि बनाये रखता है.

इसके साथ ही कभी भी महिला को बगैर नहाये मांग में सिंदूर नहीं लगाना चाहिए . सबसे पहले महिला नहा ले और पूजा पाठ कर ले उसके बाद ही अपने माथे पर सिंदूर लगाए. सिंदूर लगाते समय सदैव आप अपने पति की लम्बी आयु तथा उनकी सफलता के बारे में ही सोचे इससे उनका भाग्य और भी अधिक प्रबल एवं शक्तिशाली बनता है. और मांग में सिंदूर लगाते समय माता पारवती को आप पहले ध्यान में लाये. क्योकि अखंड सौभाग्यवती का वरदान माता पारवती से ही प्राप्त होता है.

कई महिलाये बूटी पालर जाती है और वहां जो भी महिला या मेकअप करने वाले होते है वह खुद ही सिंदूर महिला के सर पर लगा देते है. परन्तु यह भी अशुभ माना गया है. आप उन कर्मचारी को जानती नहीं हो उनका अचार व्यवहार आपको नहीं पता फिर भी आप उनसे सिंदूर लगाती है जो की सही नहीं है. हमेसा सिंदूर आप खुद ही लगाए या फिर अपने पति के हाथ से आपको सिंदूर लगाना चाहिए.

अगर आप कामख्या मंदिर कभी जाए तो वहा का सिंदूर आप अवश्य लाये. कामख्या माता के मंदिर का सिंदूर बहुत ही चमत्कारी माना गया है. और इसे यदि कोई सुहागिन महिला प्रत्येक दिन अपने माथे पर लगाए तो उसके घर परिवार में सदैव खुशिया बनी रहती है. तथा ऐसी सुहागिन महिला सदैव सौभाग्यवती रहती है. तथा पति पत्नी के बिच का रिलेशन सदैव सदैव के लिए बना रहता है.

बालाजी मंदिर के मंदिर में सच में हुए थी ये घटना जानकर चौक जाओगे

नमस्कार दोस्तों आज हम आपको भारत के सबसे चमत्कारी मंदिर बालाजी के बारे में बताने जा रहे है जहा से आज तक कोई खाली हाथ नहीं लोटा. हर भक्त की मनोकामना महेंदीरपुर बालाजी ने करि है. हनुमान जी को समर्पित इस मंदिर के प्रकट होने के संबंध में भी एक अनोखी चमत्कारी घटना है.

कहते है एक बार जयपुर के किसी गांव में हनुमान जी के परम् भक्त गोसाई जी महाराज को रात को सोते समय एक बड़ा ही विचित्र सपना आया. सपने में उन्होंने देखा की एक तेज प्रकाश उनकी तरफ आ रहा है और उसी प्रकाश में प्रकट हुए हनुमान जी जिनका तेज बहुत ही अधिक था. सूर्य के समान वह चमक रहे थे. आपने एक हाथ भक्त गोसाई जी महराज को पकड़ाते हुए हनुमान जी ने कहा वत्स मेरे साथ चलो. महारज जी हनुमान जी के साथ चल दिए तथा एक ऐसी जगह जाकर रुके जहा हजारो दीपक जल रहे थे. साथ ही तीन दिव्य शक्तिया जो बहुत ज्यादा चमक रही थी . हनुमान जी ने कहा यह हम तीन शक्तियों का बहुत बड़ा केंद्र है. यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना बहुत जल्दी पूरी हो जायेगी . तुम इस जगह में पूजा पाठ एवं सेवा का कार्य करो.

दोस्तों वह तीन चमत्कारी शक्तिया थी , बालाजी महराज, भैरव बाबा तथा पैतरा सरकार. उसके बाद घंटा घड़ियाल तथा नगाड़ो की आवाज आने लगी. अगली सुबह उठकर जब महराज जी को अपने सपने वाली बात यदि आयी. और वह उसे खोजने निकले तो अपने आप ही उनके कदम उस पहाड़ी की और बढ़ने लगे जिस के बारे में हनुमान जी ने उन्हें सपने में बताया था. और जैसे ही वह वहा पहुंचे तो महाराज जी का आश्चर्य का ठिकाना ना रहा. वह देखते है की उस पहाड़ की उस चौटी में हनुमान जी की मुर्तिया उकरी है . महराज ने वहा पूजा अर्चना आरम्भ कर दी . जब गांव के लोग वहा अपनी दुःख फरियाद लेकर आये तो हर किसी की मनोकामना मेहँदिर पुर बालाजी ने पूरी कर दी. देखते ही देखते इस मंदिर की ख्याति हर जगह फेल गयी.

इतना ही नहीं दोस्तों इस मंदिर से जुडी और विचित्र घटना घटित हुई. एक बार हनुमान जी का चोला उनकी प्रतिमा से सव्य ही उतर गया. क्योकि चोला सव्य हनुमान जी ने ही उतार दिया था तो मंदिर के पुजारी उसे गंगा जल में प्रवाहित करने के लिए ले गए. जब वे स्टेशन पहुंचे तो स्टेशन के कुछ कर्मचारियों ने उन्हें रोका और बोला की आपका समान शुल्क भी लगेगा. इसलिए जो भी आपके पास है उसे पहले तोलना पड़ेगा. तब भार के मुताबिक़ आपको पैसे देने होंगे. और उन्होंने हनुमान जी के उस चोले को तोलना आरम्भ कर दिया. परन्तु अद्भुत चमत्कार हनुमान जी का वह चोला कभी तो छोटा होता तो कभी अपने आप ही बड़ा हो जाता . अन्तत: रेलवे अधिकारी ने हार मान लिया और चोले को सम्मान सहित ट्रेन में जाने दिया |

दोस्तों मेहंदीपुर बालाजी के प्रतिमा में दिल के पास एक छोटा सा और बड़ा ही विचित्र छेद है. जिससे निकलने वाला पानी कभी खत्म ही नहीं होता. यह पानी बस बहता ही रहता है. आज तक यह रहस्य का विषय बना हुआ है. कहते इस पानी के छींटे यदि आप पर पड़ जाए तो आपके हर दुःख तकलीफ मेहंदीपुर बालाजी दूर कर देते है.

यहां आप अपनी आँखों से देख सकते हो की यदि किसी भी व्यक्ति पर को बुरी आत्मा या बुरी शक्ति लगी है तो वह जैसे ही मंदिर के भीतर प्रवेश करता है तो वह अजीब तरह की हरकते करने लगता है. इस मंदिर में एक बहुत शक्तिशाली बहारी शक्ति है जिसके कारण ही जैसे ही कोई भी आत्मा मंदिर के अंदर कदम रखती है तो उस शक्ति के प्रभाव से तड़पने लगती है. भले ही कितनी भी शक्तिशाली और बुरी आत्मा हो इस मंदिर में आकर ढेर हो जाती है. कि यहाँ कई लोगों को जंजीरों से बंधा एवं उल्टा लटका हुआ देखा गया है . यह किसी चमत्कार से कम नहीं है, कि कई भूत-प्रेत से पीड़ित लोग इस मंदिर में आकर प्रेतों एवं बुरी आत्माओं से मुक्ति पा लेते है .यहाँ आत्माओं के वशीभूत हुए कई लोगों को प्रतिमा के सामने रोते-बिलखते और भूत-प्रेतों के प्रभाव से पीड़ित होकर सर पटकते देखा है . परन्तु यह साक्षात् बालाजी की चमत्कारी शक्तियों का प्रभाव ही है, कि ऐसे लोग बिना किसी दवा के स्वस्थ होकर मंदिर से बाहर निकलते है .

ऐसा कहा गया है की जब आप पर कोई भी भरी परेशानी या विपदा आये तो एक बार इस मंदिर में जरूर आये. आपकी सभी मुसीबत महेंदीपुर बालाजी दूर कर देंगे. क्योकि आज तक जो भी भक्त यहां आया है वह कभी यहां से खाली हाथ नहीं लोटा है.
इस मंदिर में इतनी शक्ति है की नास्तिक भी आस्तिक बनकर प्रभु के चरणों के दास बन जाते है. परन्तु दोस्तों ध्यान रखे यदि आप इस मंदिर में जा रहे है तो आपको पहले ही कुछ नियमो की हिदायत दे दी जाती है. अगर इन नियमो का पालन ना किया जाए तो आप बहुत बड़ी परेशानी में फस सकते है. दोस्तों मंदिर के अंदर किसी को भी छूने या बात करने से पहले आपको सावधान रहना होगा.

यहां सभी के साथ स्नेहपूर्ण एवं सहानभूति का व्यवहार रखना होगा और जहा तक हो सके किसी से भी बात करने से बचे. तथा जिन रोगियों को मार पड़ती हो उनके लिए आपको आस पास की जगह खाली कर देनी होगी. जो भक्त उस मंदिर के प्रांगण के अंदर रहे तो उस ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा तथा मॉस मदिर प्याज आदि के सेवन को कुछ दिनों के लिए भूल जाना होगा. जैसे ही आप इस गांव जहा यह मंदिर है वहा पहुंचने के तुरंत बाद ही कुछ भी खाने या पिने की सलाह नहीं दी जाती है. और जब आप मंदिर दर्शन कर इस गांव से निकले तो खाने के पैकेट और पानी की बोतले यही खाली करके निकले. यहाँ से लोटे समय अपने घरो के लिए मंदिर में ही दिए जाने वाले प्रसाद के अलावा आप कुछ भी यहां से ना ले जाए.

एक ऐसा मंदिर जहा प्रसाद में मिलता है यह, जानकर चौंक जाओगे .

आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के दर्शन कराएंगे जहा पर देवी के योनि की पूजा होती है. जी हां यह सच है. सबसे बड़ा चमत्कार तो इस मंदिर का यह है की यहां पर माता रजस्वला होती है यानी की मासिक धर्म से गुजरती है. कहा जाता है की माता के रजस्वला होने से पहले मंदिर के अंदर सफेद कपड़ा बिछा दिया जाता है और मंदिर के कपाट उसके बाद तीन दिन के लिए बंद कर दिए जाते है. और इन तीन दिनों तक ना तो कोई भक्त और ना ही कोई पुजारी मंदिर के अंदर जाता है. तीन दिन बाद जब कपाट खोला जाता है तो वह सफेद कपड़ा लाल खून में डूबा होता है. माता का यह चमत्कार हर साल में 1 बार होता है. इतना ही नहीं दोस्तों इस मंदिर के पास जो ब्रह्मपुत्र नदी बहती है वह भी माता के रजस्वला के दिनों में पूरी लाल हो जाती है. कामख्या मंदिर के अंदर कोई भी देवी की मूर्ति नहीं है, यहां पर देवी के सिर्फ योनि भाग की ही पूजा करि जाती है. मंदिर के अंदर ही चमत्कारी रूप से एक प्राकृतिक झरना बना है जो इस जगह को गीला रखता है. कहा जाता है की जो भी बीमार व्यक्ति जिस की बिमारी किसी भी दवा आदि से सही नहीं हुई है इस झरने का पानी पीकर वह स्वस्थ हो गया. ऐसा है माँ का चमत्कार.

ऐसी मान्यता है की जो भी भक्त माँ के दर्शन के लिए यहां आया है वह कभी खाली हाथ नहीं गया. माता ने हर भक्त के बिगड़े काम बनाये है. आप को यह भी जानकार आश्चर्य होगा की यहां भक्तो को समान्य प्रसाद नहीं मिलता बल्कि माता के मासिक धर्म से जो कपड़ा लाल हुआ था वही प्रसाद के रूप में बाँटा जाता है. और अगर यह पवित्र कपडा आपको मिल गया तो समझो आपके भाग्य खुल गए. जो भी भक्त यह कपड़ा प्राप्त करता है और घर लेकर आता है उसके हर कार्य माता सिद्ध कर देती है. कहते है की कामख्या मंदिर के सिंदूर में बहुत ही अद्भुत दिव्य शक्ति होती है जो किसी भी विवाहित महिला की मनोवांछित मनोकामना को पूरी कर देती है. कहते है इसे आसानी से हासिल नहीं किया जा सकता है. पुराणों एवं शास्त्रों में भी यह वर्णन दिया गया है की कामख्या मंदिर का सिंदूर जो भी स्त्री धारण करती है उसे माता कामख्या का साक्षात् आशीर्वाद प्राप्त होता है. ऐसी स्त्री अखंड शोभाग्यवति होती है और इनके तथा इनके पति के बिच का प्रेम बहुत ही अटूट होता है. कामख्या मंदिर ही एक ऐसी जगह है जो तंत्र साधना के लिए सबसे महत्वपूर्ण जगह मानी जाती है।यहां पर साधु और अघोरियों का तांता लगा रहता है। यहां पर अधिक मात्रा में काला जादू भी किया जाता है. यदि किसी व्यक्ति पर बहुत ही बुरी आत्मा लगी है या किसी ने शक्तिशाली काला जादू कर दिया है तो कामख्या मंदिर में कदम रखते है इन सभी से तरुंत निजात पाता है. कहा जाता है की कामाख्या के तांत्रिक और साधू साक्षात् चमत्कार करने के क्षमता रखते है. कई लोग विवाह, बच्चे, धन और दूसरी इच्छाओं की पूर्ति के लिए कामाख्या की तीर्थयात्रा पर जाते हैं। कहते हैं कि यहां के तांत्रिक बुरी शक्तियों को दूर करने में भी समर्थ होते हैं। हालांकि वह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल काफी सोच-विचार कर करते हैं।

इस मंदिर के पास की सीढ़ियां आपको अधूरी ही दिखाई देंगी. इसके पीछे एक अनोखी और अजीब कथा प्रचलित है. कहा जाता है की नारका नामक एक राक्षस देवी कामख्या देवी की खूबसूरती पर मोहित हो गया और उसने ठान ली की वह देवी से शादी करेगा. उसने देवी के पास आकर अपनी मन की बात बोल दी परन्तु देवी कामख्या ने पहले उसके सामने एक शर्त रख दी. की वह एक रात में निलांचन पर्वत से मंदिर तक सीढ़ियां बना पायेगा तब में तुम से विवाह कर लुंगी. नारका ने देवी की बात मान ली और सीढ़ियां बनाने लगा. देवी को लगा की नारका सीढ़ियां बना लेगा इसलिए उन्होंने एक तरकीब निकली. उन्होंने के कौवे को मुर्गा बना कर भोर से पहले ही बांग देने को कहा. नारका ने यह बात गुप्त शक्तियों से जान ली और वह तुरंत उस मुर्गे को मरने दौड़ा. और उसकी बलि दे दी. जिस स्थान पर मुर्गे के बलि दी गई आज उस जगह को कुकराकता नाम से जाना जाता है. इस मंदिर की सीढ़ियां आज भी अधूरी है. यह मंदिर 51 शक्तिपीठियो में से एक है. तथा महा तांत्रिक जैसे मचंद्रनाथ, गोरखनाथ, लोनाचमारी ये सभी महान साधक इसी स्थान पर ही साधना करके सिद्धियों और शक्तियो की प्राप्ति करि थी. शस्त्रो के आसार पिता द्वार किया जा रहे यज्ञ में कूदकर शती के आत्मदाह करने के बाद जब महादेव उनके शव को लेकर तांडव कर रहे थे . तब भगवान विष्णु ने उनके क्रोध को शांत करने के लिए अपना सुदर्शन चक्र छोड़कर शती के शव के टुकड़े टुकड़े कर दिए थे. उस समय शती की योनि तथा गर्भ आकर गिरे थे आज उसी स्थान पर कामख्या मंदिर स्थापित है. इस मंदिर को लेकर अनेक कथाये प्रचलित है. जैसे की जब एक बार काम के देवता काम देव ने अपना पुरुष तत्व खो दिया था तब इस स्थान पर रखे शती के गर्भ और योनि की सहायता से उन्हें अपना पुरुष तत्व हासिल हुआ हुआ था. एक और कथा यह भी कहती है की इसी जगह पर भगवान शिव एवं माता पार्वती के प्रेम का आरम्भ हुआ था.

मुख्य मंदिर जहां कामाख्या माता को समर्पित है, वहीं यहां मंदिरों का एक परिसर भी है जो दस महाविद्या को समर्पित है। ये महाविद्या हैं- मातंगी, कामाला, भैरवी, काली, धूमावति, त्रिपुर सुंदरी, तारा, बगुलामुखी, छिन्नमस्ता और भुवनेश्वरी। इससे यह स्थान तंत्र विद्या और काला जादू के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह स्थान प्रचीन खासी था जहां बलि दी जाती थी। कामाख्या मंदिर एक ऐसी जगह है जहां अंधविश्वास और वास्तविकता के बीच की पतली लकीर अपना वजूद खो देती है। यानी कि यहां जादू, आस्था और अंधविश्वास का अस्तित्व एक साथ देखने को मिलता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप आस्तिक हैं या नास्तिक। अगर आप रहस्यवाद को करीब से देखना चाहते हैं तो यहां जरूर जाएं।

इन 2 चीज़ो का दान भूल से भी ना करे वरना गरीबी और दरिद्रता गले पड़ जाती है

दान करना इसलिए जरूरी है क्योकि हम अपने जिंदगी में जाने अनजाने में जो पाप करते है उन के दुष्प्रभाव से हमे मुक्ति मिले. आपने देखा होगा की कभी अचानक आपके जिंदगी में अचानक दुःख आ जाता है ऐसा हमारे उन पापो के परिणाम स्वरूप ही होता है . तभी तो कहा गया है की मनुष्य को अच्छे व बुरे कर्म का फल इसी जिंदगी में मिलता है. और इन पापो के दुष्परिणाम को काम करना का सबसे उत्तम मार्ग है दान. परन्तु क्या आपने कभी सोचा ही की आप जो दान कर रहे है क्या उसका फल आपको अच्छा ही मिलेगा ? आज हम आपको 8 ऐसे दानो के संबंध में बताएंगे जिन्हे आप भूल से भी ना करे अन्यथा दान का पुण्य तो आपको मिलेगा नहीं उल्टा उसका विपरीत परिणाम आपको भुगतना पड़ सकता है.

अक्सर क्या होता है की कुछ खाने की वस्तु जो बासी हो जाती है परन्तु हमे लगता है की ये अभी भी खाने लायक है और हम उसे गाय को दे देते है या फिर हमारे घर पर आये किसी गरीब को जो की सही नहीं है. शास्त्रों में बासी खाने का दान महापाप बताया गया है. बासी खाने के दान से हमें पुण्य नहीं पाप की प्राप्ति होती है. बासी खाने का दान आपके परिवार में बिमारी लेकर आता है. यहाँ तक विज्ञानं ने भी इस तर्क को बिलकुल सही बताया है. दरअसल दोस्तों ऐसा माना जाता है की खाने की चीज़े लगभग 2 घंटे के बाद से ही बासी होने लगती है और उनमे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जो बाद में फ़ूड पोइजन का काम करते है. ऐसे में आप यदि किसी को भी बासी खाना दान कर रहे है तो आप उनका भला नहीं उन्हें नुकसान पहुंचा रहे है. इसलिए बासी खाना कभी दान ना करे .

झाड़ू का दान करना भी शास्त्रों में मनाही है. अक्सर लोग मंदिर में झाड़ू का दान कर देते है ताकि उस मंदिर में साफ़ सफाई का प्रबंध सही रहे. परन्तु इसकी जगह आप झाड़ू खरीदने के लिए मंदिर के पुजारी को धन दे तो वह ज्यादा सही रहेगा. इसके आलावा कभी अपने घर का झाड़ू किसी पड़ोसी या अन्य व्यक्ति को प्रयोग करने के लिए ना दे भले ही कुछ मिंटो के लिए वह आपसे झाड़ू मांगे. ऐसा इसलिए है क्योकि शास्त्र में झाड़ू को घर की लक्ष्मी की उपाधि दी गयी है. जब हम झाड़ू को दान करते है तो हम अपने घर की लक्ष्मी दूसरी व्यक्ति को सोप रहे है ऐसा माना जाता है. जिस कारण आपको धन की कमी और गरीबी का समाना करना पड़ता है. क्योकि आपके घर की लक्ष्मी तो किसी और की हो चुकी है इसलिए भूल से कभी झाड़ू का दान आप ना करे.

स्टिल के बर्तनो का दान करना शास्त्रों में वर्जित है इसके जगह आप कांस्य के बर्तन दान कर सकते है. स्टिल के बर्तनो का दान आपके सम्मान इज्जत में कमी लाता है. क्योकि यह अनेक धातुओं के मिश्रण से बना होता जिनमे कुछ अशुद्ध धातुवे भी सम्लित है जिन्हे दान के कार्यो में सम्मलित नहीं क्या जा सकता है. यह आपके कुंडली में सूर्य की स्थिति को प्रभावित करता है जो की आपके लिए अपयश यानी की आपके सम्मान में कमी लता है. इसलिए भूल से भी स्टील के बर्तनो का दान आप ना करे. इसी प्रकार प्लास्टिक भी एक अपवित्र धातु मानी गयी है. इसको खुद के प्रयोग के लिए तो आप खरीद ले परन्तु इसका दान करना ना केवल घर परिवार की उन्नति बल्कि कारोबार में भी हानि लेकर आता है. इसलिए तो पवित्र गंगा जल को भी प्लास्टिक में नहीं रखा जाता है.

शिक्षा से संबंधित समान, जैसे कॉपी , किताब तथा धर्मिक ग्रंथो का दान यदि आप करते है तो यह बहुत ही पुण्य दायी माना गया है परन्तु अगर यह बहुत ही पुरानी एवं जर्जर स्थिति में हो जैसे की इसके कुछ पेज ही फ़टे हो तो उसे स्थिति में यदि आप इन चीज़ो का दान करे तो आपके ज्ञान का क्षय होता है यानी यह आपके बुद्धि को कम करता है तथा माता सरस्वती का भी ऐसा करने से अपमान माना जाता है. क्योकि दोस्तों आप दूसरे व्यक्ति को आधा अधूरा ज्ञान प्रदान करवा रहे है.

तेल का दान करने से शनि की स्थिति आपके कुंडली में सही होती है. तथा यदि शनि की कोई बुरी दशा आप पर चल रही यही तो उससे भी छुटकारा मिलता है परन्तु वही यदि आप खराब तेल या फिर ऐसा तेल जिसका आप प्रयोग करे हो और उसे आप दान में दे रहे हो तो ऐसे तेल का दान शास्त्रों में वर्जित है. अक्सर घर की स्त्रियाँ जो घर में खाना बनाने के लिए अपने तेल खरीदा था उसी तेल में से आप तेल का दान कर देती है जो की शनि देव को क्रोधित करता है और आपके घर में कलेश लड़ाई झग़डे का मुख्य कारण बनता है. ध्यान रखे हमेसा या तो आप नया तेल खरीद कर दान करे या फिर पूजा के लिए जो आपने अलग से तेल रखा है केवल उसे ही दान करने के लिए प्रयोग में लेकर आये.

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मरे हुए लोग यदि सपने में दिखे तो देते है ये 7 संकेत

Sapne me mare hue vyakti ko dekhna

नमस्कार दोस्तों , आज हम बात करेंगे सपनो से जुडी हुई चीजों के बारे में और यदि आपके सपनो का फल अशुभ होता है तो किस प्रकार हम उससे बच सकते है। हो सकता है की इंटरनेट पर दूसरी वेबसाइट की जानकारी इससे अलग हो लेकिन हम आपको बता दे की यह जानकारी स्वप्न शास्त्र से ली गयी है और यह शत प्रतिशत सही है। यह लेख बहुत लम्बा है और यदि आप पूरा लेख नहीं पढ़ना चाहते तो नीचे दी गयी सूची से अपने विषय पर जा सकते है।

सपने में मृत व्यक्ति से बात करना – sapne me mrit vyakti se baat karna
सपने में मरे हुए आदमी को जिंदा देखना
मृत रिश्तेदारों आप से बात करने का सपना देखना
sapne me purvaj se baat karna
सपने में मृत पिता को देखना या सपने में मृत पिता से बात करते हुए देखना या सपने में मरे हुए पिता को देखना
सपने में मृत माँ को देखना या सपने में मृत माँ से बात करना

व्यक्ति दिन के कामो से थक हार कर रात के समय जब सोता है तो उस समय में हमारे जिंदगी से जुडी बहुत सी यादे आप कह लो या फिर घटनाये ये सभी हमारे सपने घूमती है. हैरान करने वाली बात तो यह है की रात के समय सोने के बाद यदि कोई अन्य व्यक्ति हमारे पास रखी वस्तु को कोई अन्य व्यक्ति उठा कर ले जाए तो हमें मालुम नहीं पड़ता |

परन्तु सपने में हमें एक दूसरी दुनिया का आभास होने लगता है जो हमे याद रह जाती है. कुछ सपने को देखकर तो हम खुश होते परन्तु कुछ ऐसे भी सपने होते है जिन्हे देखकर हम डर जाते है और हमारी नींद खुल जाती है. परन्तु क्या कभी आपके दिमाग यह प्रसन्न आया है की आखिर आपको यह सपना क्यों दिखाई दिया और क्या सच्चाई छुपी है इस सपने के पीछे.

चलिए सबसे पहले जानते है शास्त्रों में इसका क्या प्रमाण है की सपने सच में हमे संकेत देते है या नहीं – रामायण में जब हनुमान जी ने लंका दहन किया था उससे ठीक पहले त्रिजटा को सपने में यह दिखाई दे गया था की एक वानर लंका के ऊपर उड़ रहा है और पूरी लंका जल रही है।

दरअसल दोस्तों शास्त्रों के मुताबिक़ आपके हर एक सपने की पीछे एक गहरा अर्थ छुपा है. सपनो के ऊपर तो एक पूरा शास्त्र है जिसे स्वप्न शास्त्र के नाम से जाना जाता है. परन्तु आज हम बात करेंगे की जब कोई सपने में मरे हुए व्यक्ति आये ( sapne me mare hue log dekhna )तो आखिर उसका क्या मतलब है. कितने बार हम सब ने ऐसा सपना जरूर देखा होगा जिसमे हमारे ही कोई मृत रिश्तेदार, दोस्त या कोई बहुत ही ख़ास हमारे सपने में आया हो. आखिर वह क्या कहना चाहते थे हमसे. तो चलिए दोस्तों आइये शुरू करते है.

दरअसल दोस्तों यह जानकारी उन व्यक्तियों के लिए है जिन्हे अधिकतर सपने में मरे हुए व्यक्ति आते है या ऐसा कोई व्यक्ति जिसका कोई ख़ास व्यक्ति का देहांत हो गया हो और वह इस सदमे से बाहर नहीं आ पा रहा हो. अगर घर के किसी सदस्य की आयु पूर्ति के बाद वह व्यक्ति स्वर्गवासी हो गया हो तो ऐसे में घर के अन्य सदस्य बहुत जल्दी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पाते है.

Sapne me pita ko dekhna – सपने में मृत पिता को देखना

सपने में मरे हुए पिता को देखना या सपने में मृत पिता से बात करना या सपने में मृत पिता को रोते हुए देखना – इन सबका मतलब अलग अलग बताया गया है यानि की कुछ स्वप्न शुभ होते है और कुछ अशुभ होते है। चलिए विस्तार से जानते है –

सपने में मृत पिता को देखनाSapne me mrit pita ko dekhna : यदि आप सपने में मरे हुए पिता को दूर या पास में देखते है और वो एक दम चुपचाप खड़े है तो इसका मतलब ये हो सकता है की उनकी इच्छा अधूरी रह गयी हो या फिर मृत्यु के बाद कोई ऐसी रीती रिवाज़ हो जो आपने अच्छे से नहीं की हो। यदि बार बार आपको यह सपना दिखाई देता है तो यह नकारात्मक है और इसका उपाय आपको जरूर करना चाहिए।

सपने में मृत पिता को रोते हुए देखनाSapne me pita ko rote hue dekhna : यदि सपने में मरे हुए पिता को आप अपने पास रोते हुए देखते है तो इसका मतलब यह है की आप कुछ गलत काम कर रहे है और आपके पिता आपसे नाराज है। यह सपना अशुभता की और संकेत करता है और आपके जीवन में कई परेशानी आ सकती है।

सपने में पिता को बार बार देखनाsapne me pita ko baar baar dekhna : यदि आप सपने में मृत पिता को बार बार देखते है तो यह सपना सकरात्मक है और आपके पिता आपका मार्गदर्शन कर रहे है। इसका मतलब यह भी है की आपके जीवन में शुभ संकेत आने वाले है।

सपने में मृत पिता को बीमार देखना – यदि सपने में मृत पिता को बीमार देखते है तो इसका मतलब यह है की आपके घर में बीमारी आने वाली है और घर के सदस्य बीमार हो सकते है और आपके पिता पहले से ही आपको सुझाव देते है ताकि आप सावधान हो जाये।

सपने में मृत पिता से पैसे मिलना – sapne me mrit pita se paise milna : यदि सपने में मृत पिता अपने बच्चो या घर में किसी को कुछ सामान देते हुए दिखाई देते है तो यह सपना शुभ माना गया है और इसका मतलब यह है की घर में बहुत जल्दी कुछ अच्छी चीज होने वाली है। वही इसके विपरीत यदि मृत व्यक्ति सामान लेते हुए दिखाई दे तो यह अपशगुन माना गया है।

सपने में मृत पिता को ज़िंदा देखना – sapne me mrit pita ko zinda dekhna : यदि आप सपने में मृत पिता को ज़िंदा देखते है तो इसका मतलब ये है की आपके पिता यह चाहते है की जीवन में आप एक ऐसे व्यक्ति का चुनाव करे जो आपको जीवन में पिता की तरह मार्ग दर्शन कर सके।

Sapne me mrit maa ko dekhna – सपने में मरी हुई माँ को देखना

जिस तरीके से सपने में मृत पिता को देखने के अलग अलग संकेत होते है उसी प्रकार सपने में मृत माँ को देखने के संकेत भी सुबह और अशुभ हो सकते है। तो चलिए विस्तार से जानते है –

सपने में माँ को चुपचाप बैठे हुए देखना – इसका मतलब यह है की स्वर्गवास होने से पहले उनकी कोई प्रबल इच्छा थी हो अभी तक पूरी नहीं हुई है और वो आपके माध्यम से वो पूरा करवाना चाहती है।

सपने में माँ को गुस्से में देखना – आप सब जानते है की माँ तो आखिर माँ होती है और स्वर्गवास होने के बावजूद भी हमारे पूर्वजो का लगाव हमसे बना रहता है। सपने में मृत माँ यदि गुस्से में दिखाई दे तो यह एक संकेत है जिसमे वो आपको ये बताना चाहती है की आप कुछ ऐसे काम में लगे हुए है जो आपके लिए सही नहीं है और आपको जीवन में परेशानी आ सकती है। या फिर अगर आपने कोई नया काम शुरू किया है तो आपके लिए उपयुक्त नहीं है।

सपने में मरी हुई माँ को हस्ते हुए देखना – यदि किसी बीमारी के बाद माँ का देहांत हुआ हो और सपने आपको वह स्वस्थ दिखाई दे तो यह संकेत होता है की उनका जन्म किसी अच्छे स्थान पर हो गया है. और इस स्वप्न के माध्यम से वह आपको यही संकेत देते है की अब आप उनके बारे में सोचकर स्वयं को तकलीफ ना दे. स्वपन शास्त्र में ऐसे सपने को आश्वासन स्वप्न का नाम दिया गया है. ऐसा स्वप्न देखने के बात आपको प्रसन्न होने चाहिए की हमारे पूर्वज का जन्म किसी अच्छे स्थान पर हो गया है तथा अब वह खुश है.

यदि आपको सपने में बार बार माँ दिखाई देती है तो इससे आपका मन काफी विचलित होता है और जीवन में काफी परेशानी आ सकती है इसके लिए आपको भगवान् शिव की पूजा करनी चाहिए जिससे अशुभ सपनो का प्रभाव काम हो जायेगा। इसके लिए आप घर में नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा भी कर सकते है।

अगर वही किसी स्वस्थ सदस्य की मृत्यु हुई हो और सपने में वह आपको बीमार दिखाई दे तो यह संकेत दर्शाता की वह आपसे अपनी कोई इच्छा व्यक्त करना चाहते है. और उसे आपको समझने का प्रयास भी करना चाहिए. या फिर इसे ऐसा समझिये की स्वर्गवास होने पहले ही उनकी कोई प्रबल इच्छा थी जिसे वह पूरा करने चाहते थे. किन्तु कर नहीं पाए. तो यदि आपको उस इच्छा का पता हो तो उसे अवश्य ही पूरा करे. इससे स्वर्गवासी व्यक्ति की आत्म को शांति प्राप्त होती है साथ ही आपके भी परिवार में सुख सम्पति कई गुना बढ़ जाती है. वही अगर आपको पता होने के बावजूद आप वह इच्छा पूर्ण नहीं करते तो आप संकट में पड़ सकते है.

यदि कोई जीवित व्यक्ति सपने में मृत दिखाई दे तो हम घबरा जाते है. जबकि स्वप्न शास्त्र के अनुसार यदि कोई जीवित व्यक्ति सपने में मृत दिखाई तो यह संकेत है की व्यक्ति की आयु में और अधिक वृद्धि हो गई है. जी हा दोस्तों ऐसा सपने लम्बी आयु के सूचक होते है. और इस सपने को बुरा सपना नहीं मन्ना चाहिए.

sapne me purvaj ko dekhna

कई बार आपने देखा होगा की हमार स्वर्गवासी परिजन सपने में दीखते तो है परन्तु कुछ बोलते नहीं है तथा इस स्वप्न को हम समझ नहीं पाते है . किन्तु यहां में आपको बता दू की स्वप्न शाश्त्र के अनुसार यदि मृत परिजन हमारे स्वप्न में आये और कुछ बोले ना , तो ऐसे स्वप्न के बारे में बताया गया है की हमारे मृत परिजन हमारे जीवन में चाल रही गतिविधियों से हमे आगज करने का प्रयास कर रहे है. अर्थात या तो हम कोई गलत कार्य करने जा रहे है या फिर गलत कार्य करने की सोच रहे है.

sapne me aashirwad lena

स्वप्न शास्त्र में यह भी एक और स्थिति को दर्शाया गया है . यदि सपने में आकर वह हम आशीर्वाद दे परन्तु कुछ बोले ना तो यह संकेत है की आप जो कार्य कर रहे है या करने वाले है उसमे आपको शत प्रतिशत सफलता मिलने वाली है.

आइये जानते यदि आप इनमे से कोई चीज देखते है जैसे सपने में माँ को उदास देखना या सपने में पिता को उदास देखना

यदि सपने में मृत व्यक्ति आपको उदास दिखाई दे या आपको आभास हो की वह हमारे द्वारा किये गए कार्यो से प्रसन्न नहीं हो रहे  तो ऐसे कार्यो को आप तुरंत छोड़ दे. क्योकि यह आपके लिए अशुभ परिणाम खड़े कर सकता है. सपनो के ही माध्यम से हमारे पूर्वज हमे पहले ही आगाह तो कर देते है परन्तु हम उनको समझ ना पाने के कारण अनेक गलतिया कर बैठते है.

कई बार हमे ऐसे भी सपने दिखाई देते है जिसमे मृत परिजन हमारे सपने में आकर हमसे कुछ वस्तुओ की मांग करते है. किन्तु मुख से कुछ नहीं बोलते . जैसे सपने में हमे आभास हो की वे निर्वस्त्र दिखाई दे रहे है पेरो में जूते या चप्पल नहीं दिखाई दे रहे है या फिर वह भूखे है यदि ये आभास हो तो यह भी एक संकेत है की जो चीज़े नहीं दिखाई दे रही है या फिर उन्हें भूख लगी है इन चीज़ो को आप उस मृत के नाम से या तो ब्राह्माण को दान करे या फिर किसी मंदिर में जाकर भी आप इन चीज़ो का दान कर सकते है  और इन्हे दान करते समय मन में ऐसा ध्यान करे की ये सभी चीज़े उस स्वर्गवासी व्यक्ति को प्राप्त हो रही है. ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते है और आपकी हर मनोकामना भी पूर्ण होती है.

यदि कोई स्वर्गवासी व्यक्ति हमे सपने कही दूर या आकाश पर दिखाई दे तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह संकेत दर्शाता है की उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हो चुकी है. और वह ाकशीयवृति से आपको आशीर्वाद प्रदान करे रहे है.

sapne me pitra dekhna

वही अगर स्वर्गवासी व्यक्ति आपको आपके घर में ही या कहि नजदीक दिखाई दे तो यह संकेत है की वह अपने परिवार से मोह नहीं छोड़ पाए है और आपके परिवार को अपनी छत्रछाया में आज भी रखना चाहते है. यदि आपको सपने में ऐसा आभास हो तो गाय को निम्मित 2 रोटी अवश्य खिलाये. और अमावस्या के दिन विशेषकर उन्हें भोग लगाए . और सम्भव हो तो किसी ब्राह्मण को उनके निमित भोजन अवश्य कराये. ऐसा करने पर पितृ अति प्रसन्न होते है .

दोस्तों इसके साथ ही में आपको एक और चीज़ से अवगत करना चाहूंगा की हमारे हिन्दू धर्म में 33 कोई के देवता होते है जो सभी के लिए समान होते है. किन्तु हमारे घर के पितृ देव हमारे घर के देव होते है जो मृत्यु के पस्चात भी वंश की विर्धि और उन्नति का आशीर्वाद हमे प्रदान करते है.

sapne me shav yatra dekhna

इसके अल्वा दोस्तों यदि सपने में किसी भी व्यक्ति को शव यात्रा दिखती है तो इसका मतलब होता है की उस व्यक्ति के सभी कार्य जल्द सम्पन्न होने वाला है.

दोस्तों यदि आपको भी कोई विचित्र सपना दिखता है या आप किसी सपने के बारे में जानना चाहते है तो हमे कमेंट बॉक्स में बताये. हम आपके उन प्रश्नो का उत्तर अवश्य देने तथा कृपया इस जानकरी को अपने मित्रो तक भी शेयर अवश्य करे .

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