बालाजी में भूत-प्रेत से अधिक डरावना है हनुमान जी का ये प्राचीन मंदिर, स्वयं दिखाते हैं अपना विकराल रूप

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हेलो दोस्तों आपका हमारा यूट्यूब चैनल में स्वागत है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं हनुमान जी के प्रसिद्ध मंदिर महेंदीपुर बालाजी के बारे में। जी हां, इस मंदिर में छुपा है हनुमान जी का गहरा रहस्य जिसको जानने के बाद आपके रोगटें खड़े हो जाएंगें। 

दोस्तों, महेंदीपुर वाले बालाजी का नाम सुनते ही सबसे पहले हमारे दिमाग में एक ही बात आती है। भूत-प्रेत से छुटकारा दिलाने वाला मंदिर। अक्सर अपने सुना होगा और देखा भी होगा कि, वहां पर लोग भूत-प्रेत जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए महेंदीपुर बालाजी जाते हैं और ठीक होकर वापिस भी आते हैं। इसके अलावा आपमें से कुछ लोग ऐसे होगें जिन्होंने बालाजी मंदिर जाकर वहां के माहौल को देखा होगा, लेकिन हम दावा करते हैं कि, आपको इस वाक्ये के बारे में आजतक किसी ने नहीं बताया होगा। यह किस्सा सुनने के बाद आपको बालाजी मंदिर जाने की इच्छा जागृत होने लगेगी। दरअसल,उस मंदिर में यह घटना काफी सालों से घट रही है जिसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं दी जा रही थी। क्योंकि इससे लोगों के मन में दहशत बैठ जाती। 

आपको बता दें कि, राजस्थान में मेहंदीपुर बालाजी के कई मंदिर बने हुए है उनमें से एक इतना पुराना मंदिर है जोकि, ज़मीन के नीचे स्थित है जिसमें सिर्फ उनके परम पुजारियों को ही जाने की अनुमति है। यदि कोई हनुमान जी के खिलाफ होकर जाने की कोशिश करता है तो वह अपनी जान गवां देता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि, उस मंदिर में  हनुमान जी विकराल रूप में असलियत में विराजमान है और जो लोग उन्हें देखते हैं वो लोग वहीं पर अपना दम तोड़ देते है। ऐसा कई सालों से होता आ रहा है। बताया जाता है कि, जिन लोगों ने इस मंदिर में जाने की कोशिश की है वो लोग कभी भी वापिस लौटकर नहीं आए, माना गया है कि, उनका विकराल रूप मंत्रों द्वारा ही पुजारी देखते हैं वह मंदिर के पास पहुंचते ही मंत्रों का जप करना शुरु कर देते हैं और जब तक मंदिर से बाहर नहीं निकल जाते तब तक वह मंत्र जपते ही रहते हैं।

इसके पीछे की वजह उनका विकराल रूप है जोकि, मंत्रों द्वारा शांत किया जाता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि, उन लोगों का शरीर भी वहां से गायब हो जाता है। उनका शरीर कहां जाता कहां नहीं, यह किसी को नहीं पता। एक बार 12 वैज्ञानिकों की टीम इस मंदिर का रहस्य जानने के लिए अंदर तो गई, लेकिन कभी वापिस नहीं आ पाई। इतना ही नहीं कई पुलिस वाले भी इस मंदिर का रहस्य जानने के लिए अदंर गए, लेकिन वापिस लौटकर नहीं आए। वहां पर सिर्फ 9 ऐसे पुजारी है जोकि, अंदर जा सकते हैं और हनुमान जी के उस रूप को देख सकते हैं। ऐसा क्यों है और कब से होता आ रहा है, इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है, लेकिन एक बात तो सच है कि, वहां पर दिन पर दिन ऐसी घटना बढ़ती जा रही थी जिसकी वजह से सरकार ने उस मंदिर को बंध कर दिया है और वहां पर आज भी सिर्फ पुजारी ही जाते हैं। बताया जाता है कि, वहां पर जाने वाले पुजारियों के पास हनुमान जी की कुछ अहम शक्तियां है। जो लोगों का उद्दार करने के लिए प्रदान की गई है। हमारी आपसे विनती है यदि आप कभी भी बालाजी मंदिर जाएं तो उस पुराने मंदिर में जाने की कोशिश ना करें। अपनी जिंदगी को संभाले और ऐसी नादानी मज़ाक में भी ना करें। यदि आपको हमारी ये कहानी पसंद आई हो तो कमेंट बॉक्स में जय महेंदीपुर वाले बालाजी जी जरूर लिखें।

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