Shaligram Stone Benefits in Hindi

Shaligram stone का हमारे ज्योतिष में सबसे अधिक महत्व है। इस पवित्र ईश्वर रूपी पत्थर को हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के रूप में पूजा जाता है जिसे हम सालग्राम शिला या शालिग्राम भगवान के नाम से पहचानते हैं।

What is Shaligram?

Shaligram Stone मुख्यतः पत्थर न होकर एक प्रकार के जीवाश्म होते हैं जो कि नेपाल की गंडकी नदी में पाये जाते हैं। इन पत्थरों की मुख्य विशेषता है कि इनके बीच में सुदर्शन चक्र की आकृति बनी होती हैं। आदि गुरु शंकराचार्य ने उस पत्थर के महत्व को तैत्रीय उपनिषद के ब्रह्मसूत्र में बताया है । हमारे 18 पुराणों में से एक स्कंद पुराण में वैशाख महास्कंद के नवें श्लोक में कहा गया है कि-

शालिग्राम शिला यस्य गृहे तिष्ठति मानदा |
अथवा भागतं गृहे रातवै भागते कलि: ।।

अथवा जिसके घर में शालिग्राम भगवान विराजित होते हैं उनके घर में कभी भी कलियुग का वास नहीं सकता, और नारद पुराण के प्रथम भाग के प्रथम पद में कहा गया कि जिसके घर में शालिग्राम पत्थर विधमान होते हैं वहाँ भूत पिशाच, ग्रह दोष से मुक्त तथा कोई भी बाधा नहीं आती है। शालिग्राम के साथ एक महत्वपूर्ण पत्थर गोमती चक्र होता है जो कि लक्ष्मी का रूप होती हैं, इन दोनों को साथ में रखने से घर में धन – संपदा बनी रहती है।

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आप का स्वस्थ्य अच्छा नही रहता है या घर पर कोई बीमार रहता है तो यह शालिग्राम आपके स्वस्थ्य के स्तर को सुधारने में अत्यंत महत्वपुर्ण भुमिका निभाता है।

Shaligram Stone Benefits

  • इस प्रभावशाली शिला की पूजा करने मात्र से घर एवं कार्यालय में विष्णु जी के साथ महालक्ष्मी का निवास होता है।
  • शालिग्राम की पूजा हमेशा तुलसी के साथ ही करें। ऐसा करने से भगवान के आशीर्वाद से जल्द ही लाभ प्राप्त होता है।
  • इनका विवाह भगवती स्वरूप माँ तुलसी के साथ करने से सभी प्रकार के द्वेष, पारिवारिक कलेश, पाप, संकट, दुख, रोग आदि नष्ट हो जाते हैं।
  • भक्ति-भाव से माँ तुलसी एवं शालिग्राम का विवाह कराने से उतना ही पुण्य प्राप्त होता है जितना कन्यादान करने से मिलता है।
  • इनकी पूजा करने से तन, मन और धन से सम्बन्धित सभी प्रकार की परेशानियां दूर होती है।
  • जिस घर में भगवान शालिग्राम की शिला विराजमान होती है उस घर को तीर्थ के समान माना जाता है।
  • पूजा के समय भोग मे चढ़ाया हुआ चरणामृत का सेवन करने से भक्त को चारधामों का पुण्य फल मिलता है।
  • इनकी प्रतिदिन घर में पूजा करने से वहां के सभी वास्तु दोष और नकारात्मक शक्तियां नष्ट होती है

How to Keep Shaligram at Home

  • शालीग्राम भगवान को चातुर्मास में कुछ स्थानों पर भगवान शंकर के रूप में भी पूजा जाता है। यह पवित्र पत्थर गण्डकी नदी मे भगवान विष्णु के आशीर्वाद से प्राप्त होता है अत: इनकी किसी प्रकार की भी प्राण- प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
  • इस दिव्य पत्थर के ऊपर से कभी भी तुलसी दल नहीं हटानी चाहिए। इन्हें नियमित गंगाजल से स्नान कराकर चंदन इत्यादि लगाएं। ध्यान रखें की इन्हे एकदम शुद्ध तुलसी दल व पुष्प ही चढ़ाये । इन्हें आप पीले वस्त्र भी धारण करा सकते हैं।
  • प्रतिदिन इनके सामने धूप, दीप, नैवेद्य या प्रसाद चढ़ाये।
  • Shaligram Stone को  स्वच्छ तांबे के पात्र में ही स्नान कराये तथा पूजन के समय भोग मे चढ़े चरणामृत को ग्रहण अवश्य करें। ऐसा करने मात्र से शरीर के रोग व्याधा दूर होती है
  • आप हर पूर्णिमा के दिन शालिग्राम भगवान की सत्यनारायण कथा किसी पुरोहित या स्वयं शुद्ध उच्चारण करने में सक्षम हो तो करवाये। इतना करने मात्र से ही आप विभिन्न प्रकार की ग्रह-बाधा, संकट, बाधाओं, भूत-प्रेत इत्यादि से बचे रहेंगे एवं आप तथा आपके परिवार को सुख संपदा इत्यादि भगवान श्री हरि की कृपा से प्राप्त होगी |

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आपको लंबे समय से व्यवसाय में ज्यादा फायदा नही हो रहा है तो आप शालिग्राम को अपने घर के साथ साथ अपने ऑफिस में भी स्थापित करें, नियम से पूजा करें ।

Shaligram pooja vidhi

  1. पूजा-विधि संपन्न करते समय आप उस स्थान पर बैठ जाएं जहाँ से आपका मुख पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर हो।
  2. पूजा करते वक़्त सबसे पहले शंख मे गंगाजल को भर ले और उसके बाद इस से शालिग्राम को स्नान करवाएं।
  3. शालिग्राम पर छिड़कने के लिए पानी से भरे स्टील के कलश में कुछ दूब घास रखें।
  4. अब शालिग्राम को कुछ पीपल के पत्तों पर विराजमान कर दें एवं इसके दाहिनी दिशा में कपूर, अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएं।
  5. ध्यान रहे की शालिग्राम पर हमेशा चंदन का लेप लगाएं और शिला के सामने तुलसी के कुछ ताजे हरे पत्ते रखें।
  6. मन ही मन भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए इस Shaligram mantra का नौ बार जाप करें:
    “हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे”
  7. इसके बाद शालिग्राम पर दूध, फल या मिठाई का भोग लगाएं। कुछ पैसे भेंट करें और फिर उन पैसों को किसी गरीब व्यक्ति को दान में दे। ऐसा करने से भगवान हरी अत्यधिक प्रसन्न होकर आपको अपना आशीर्वाद प्रदान करते है।

Original Shaligram stone price

Shaligram Stone आप किसी भी ऑनलाइन स्टोर से प्राप्त कर सकते है परन्तु ज्यादा मुनाफा कमाने की वजह से इस पवित्र शिला को नकली रूप में भी बेचा जा रहा है। 100% original shaligram online आप हमारी वेबसाइट से खरीद सकते है। यहाँ आपको अभिमंत्रित किया हुआ शुद्ध शालीग्राम एकदम उचित मूल्यों में मिलता है।

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नर्मदेश्वर शिव लिंग की पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और दुखों से मुक्ति मिलती है और वैभव की प्राप्ति होती है।
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