Somnath Temple के नीचे से निकला कुछ ऐसा कि सभी रह गए दंग !

सोमनाथ मंदिर से जुड़े नए राज़ से हुआ पर्दाफाश 

दोस्तों आज हम आपको भगवान शिव के सबसे पहले ज्योतर्लिंग यानी Gujarat Temple Somnath से जुड़े हुए एक ऐसे रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप भी चौंक जायेंगे। आखिर क्या निकला सोमनाथ मंदिर के नीचे से कुछ ऐसा? जिसे देख सभी की आँखें फटी की फटी रह गयी।  क्या मंदिर के नीचे मौजूद है कोई और शहर? क्यों इस रहस्य के बारे में जानकर वैज्ञानिक भी भाग गए ? दोस्तों सोमनाथ मंदिर के नीचे उस दबे रहस्य के बारे में हम आज आपको बताएंगे।

सोमनाथ मंदिर का रहस्य जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा ( Mystery of Somnath Temple )

दोस्तों सोमनाथ मंदिर के निर्माण के बारे में कोई नहीं जानता और न ही किसी को पता है कि आखिर ये मंदिर कितने साल पुराना है। लेकिन साल 2020 में मंदिर के नीचे से कुछ ऐसा मिला, जिसे देख सभी वैज्ञानिकों के रोंगटे खड़े हो गए और वे वंहा से भाग गए।  दरअसल Somnath Temple के नीचे से नई तकनीकी मशीनों जैसे जीपीआर से इन्वेस्टिगेशन की जा रही थी कि तभी वैज्ञानिकों के हाथ कुछ ऐसा लगा कि वह दंग रह गए। इस मशीन के जरिये उन्हें पता लगा कि मंदिर के नीचे तीन मंजिला पक्की इमारत है। जिसकी इमारत की पहली मंजिल की गहराई ढाई मीटर है, दूसरी मंजिल 5 मीटर गहरी है तथा तीसरी मंजिल की गहराई 7.30 मीटर है। ये इमारत L आकार में बनी हुई है।

इस बड़े रहस्य का पता चलते ही सभी लोग चौंक उठे, आज तक किसी ने नहीं सोचा था कि इस भव्य मंदिर के नीचे एक और इमारत भी होगी। आखिर यह इमारत किसने बनाई होगी? ये आज भी रहस्य बना हुआ है।  दोस्तों आपको बता दें कि यही नहीं मंदिर से कुछ दूरी पर बौद्ध गुफाओं का भी पता चला है। क्या इस Somnath Jyotirling मंदिर के स्थान पर बुद्धिस्ट लोग रहते थे या फिर कुछ और ही रहस्य छिपा हुआ है  इस मंदिर के निर्माण के पीछे?  खैर इन सभी जानकारियों के बारे में पुरातत्व विभाग और कुछ वैज्ञानिक मिलकर इसका पता लगा रहे हैं लेकिन मंदिर के नीचे इमारत का होना वाकई में चौंका देने वाला रहस्य है।

सोमनाथ मंदिर का इतिहास ( History of Somnath Temple )   

दोस्तों Somnath Mandir history कि बात करें तो पुराणों में भी इस मंदिर का जिक्र हुआ है। माना जाता है कि मंदिर का निर्माण चंद्रदेव ने किया था तथा उन्होंने ही यंहा पर शिवलिंग की स्थापना की थी, क्योंकि चंद्रदेव का एक नाम सोम भी है इसलिए मंदिर का नाम सोमनाथ पड़ा।  माना जाता है की दक्ष प्रजापति ने अपनी सभी 27 कन्याओं का विवाह चंद्रदेव के साथ किया था परन्तु चंद्रदेव अपनी सभी पत्नियों में से सबसे अधिक प्रेम रोहिणी नाम की पत्नी से करते थे। जब दक्ष प्रजापति को इस बात का पता चला तो उन्होंने क्रोध में आकर चंद्रदेव को श्राप दिया कि उनका तेज धीरे धीरे कम होता रहेगा। श्राप के कारण ऐसा ही हुआ और चंद्रदेव का तेज धीरे धीरे कम होने लगा।  इसके बाद उन्होंने भगवान शिव की स्तुति कर श्राप से मुक्ति पायी।

दोस्तों अलग अलग पुराणों में भगवान शिव के Somnath Jyotirling का वर्णन हुआ है , साथ ही इस मंदिर को कई बार खंडित भी किया लेकिन भगवान शिव का यह भव्य मंदिर आज भी जस का तस अपने स्थान पर बना हुआ है। दोस्तों क्या आप सोमनाथ मंदिर गए हैं? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइयेगा और हर हर महादेव भी जरूर लिखियेगा।

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