आज ही आजमाए ये Chawal ke totke जो दूर करेंगे आपकी कई सारी परेशानियां

हिन्दू धर्म में चावल ( अक्षत ) का महत्व

हिन्दू धर्म के लगभग हर मांगलिक कार्यों में चावल की भूमिका अनिवार्य ही होती है। आप अधिकतर पूजा सामग्री उठाकर देखिये उसमें चावल यानी अक्षत को ज़रूर शामिल किया गया होगा क्योंकि अक्षत पूजा सामग्री का एक अभिन्न अंग है। वैसे तो पूजा सामग्री में ऐसी और भी आवश्यक चीजे हैं जिन्हें शामिल करना महत्वपूर्ण होता है लेकिन आज हम चावल यानी अक्षत के महत्व के बारे में बात करेंगे।

चावल को अक्षत क्यों कहते हैं? ( Chaval ko akshat kyu kehte hai? )

हिन्दू पूजा विधि विधानों में प्रयोग होने वाले चावल को अक्षत कहा जाता है। चावल को शामिल किये जाने की प्रमुख वजह भी आपको बताएंगे परन्तु उससे पहले यह जान लेना आवश्यक है कि अक्षत से तात्पर्य क्या है। अक्षत जैसा कि इसके नाम से ही प्रतीत होता है कभी न क्षय होने वाला। दूसरे शब्दों में कहें तो अक्षत का अर्थ होता है अखंडित या जो टुटा न हो। इस प्रकार चावल को पूर्णता का दर्जा दिया गया है जिसके पूजा में शामिल होने से ही वह पूर्ण मानी जाती है।    

चावल किसका प्रतीक है? ( Chaval kiska prateek hai? )

चावल को पूर्णता का प्रतीक माना गया है जब इसे अक्षत के रूप में पूजा विधि में शामिल किया जाता है तो इसके का उद्देश्य होता है कि वह पूजा चावल की तरह ही पूर्ण हो। पूजा करते समय चावल रुपी अक्षत को शामिल करने का अर्थ है कि हमारे द्वारा की जा रही पूजा में किसी तरह की कोई अड़चन न आये और वह बिना बाधा के पूर्ण हो।   

10 चावल के टोटके ( chawal ke totke )

आइये जानते हैं चावल के टोटके :

1.शिवलिंग पर चावल कैसे चढ़ाएं? ( Shivling par chawal kaise chadhaye? )
सोमवार के दिन नर्मदेश्वर शिवलिंग का पूजन करते समय अपने साथ आधा किलो या अपनी क्षमता के हिसाब से चावल रखें। शिवलिंग का विधिवत पूजन करें और उसपर एक मुट्ठी चावल अर्पित करें। इसके उपरान्त बचे हुए चावल को किसी मंदिर में या जरूरतमंद को दान कर दें। चावल का यह टोटका घर से दरिद्रता को मिटाता है और आर्थिक समस्याओं का निपटारा करता है।  

2.भोजन में चावल के टोटके क्या है? ( bhojan me chawal ke totke kya hai? )

चावल का दूसरा टोटका उसे रोज खाने वालों के लिए है। यदि आप प्रतिदिन के भोजन में चावल को सम्मिलित करते हैं तो चावल हमेशा थाली के दाई ओर रखें तथा इसे कभी भी सूर्यास्त के बाद न खाएं। ऐसा करने से अच्छे धन और स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी। कहा जाता है कि जो लोग रात्रि के भोजन में चावल या दही को सम्मिलित करते हैं वे अनजाने में ही सही माता लक्ष्मी का अपमान कर रहे होते हैं।

3. लक्ष्मी प्राप्ति के लिए क्या करें? ( Lakshmi prapti ke liye kya kare? )

चावल का अगला टोटका पूर्णिमा, होली के दिन या किसी शुभ मुहूर्त देख भी कर सकते हैं। इसके लिए प्रातःकाल उठकर स्नानादि से निवृत हो जाएँ फिर एक लाल रेशम का वस्त्र लेकर उसमें हल्दी से पीले किये गए 21 अखंडित चावल को रखें और बांध दे। अब देवी लक्ष्मी की प्रतिमा को एक चौकी पर विराजमान करें और चावल की बंधी हुई पोटली भी। विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद उस पोटली को अपने पर्स में छिपाकर रख लें। साथ ही ध्यान रखने योग्य बात यह कि पर्स में किसी अनावश्यक और गैर-धार्मिक चीज नहीं होनी चाहिए। जातक चाहें तो Mahalaxmi Yantra locket  को धारण कर सकते हैं इससे भी धन की प्राप्ति होती है। 
 

4.  पैसे की परेशानी कैसे दूर हो? ( Paise ki pareshani kaise door ho? )

शुक्रवार के दिन रात्रि में 10 बजे के बाद एक चौकी पर कलश रखें फिर उसपर केसर से स्वस्तिक बनायें। तत्पश्चात उसमें चावल, दूर्वा और रूपए डालें। यह करने के बाद चावलों को एक प्लेट में उस कलश के ऊपर रख दें।  फिर श्रीयंत्र ( Dhan Laxmi Kuber Yantra ) स्थापित करने के बाद चौमुखी दीपक जलाकर कुमकुम और चावल से विधिपूर्वक माता लक्ष्मी का पूजन करें। इससे आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी।  

5.  शादी में रुकावट आए तो क्या करना चाहिए? ( Shadi me rukawat aaye to kya karna chahiye? )

चावल का टोटका विवाह में आ रही अड़चनों को भी दूर कर देता है। यदि आप किसी भी महीने की शुक्लपक्ष तिथि को चांदी की कटोरी में गाय का दूध, शक्कर और उबले हुए चावल मिलाकर चंद्रोदय के समय उसमें तुलसी के पत्ते डालकर नैवैद्य चढ़ाएं। ऐसा अगले 45 दिन तक करते रहें तो आपकी समस्या का हल शीघ्र ही निकल आएगा। ध्यान रहे कि 45 वे दिन किसी कन्या को भोजन खिलाकर वस्त्र और मेहंदी दान अवश्य करें तो इससे आपको सुयोग्य वर की प्राप्ति होगी और विवाह में आ रही सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी।     

6. चावल और उड़द की दाल के टोटके ( Chawal aur urad ki dal ke totke )

चावल से जुड़ा अगला टोटका अपने शत्रुओं की साजिश से छुटकारा पाने के लिए है। इसके लिए अखंडित चावल के 40 दाने और उड़द की दाल के 38 मिलाएं और फिर उसे किसी गड्ढे में दबा दें। ऐसा करने के पश्चात उस गड्ढे पर निम्बू निचोड़ दे। इस तरह आप अपने शत्रुओं से छुटकारा पा सकते हैं।   

7.  दरिद्रता दूर करने के उपाय ( Daridrata door karne ke upay kya hai? )

चावल को दूध और तिल के साथ मिश्रित कर माता का हवन करें।  इससे आपको श्रीप्राप्ति होगी और दरिद्रता कभी आपके द्वार नहीं भटकेगी।

8.  चन्द्र दोष के उपाय ( Chandra dosh ke upay kya hai? )

किसी जातक की कुंडली में यदि चन्द्रमा अशुभ फल दे रहा है तो इसके लिए आप अपनी माता से मुट्ठी भर चावलों का दान ले लें। इससे चन्द्रमा के बुरे प्रभाव कम होने लगेंगे। Chandra Yantra Locket को धारण करने से चंद्र दोषों को समाप्ति होती है। 
 
9. मनचाही नौकरी पाने के टोटके ( Manchahi naukri ke totke kya hai? )

नौकरी पाने के इच्छुक लोग मीठे चावलों को कौओं को खिलाएं, शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी। 
 
10.  पितृ दोष दूर करने के उपाय क्या है? ( pitra dosh door karne ke upay kya hai? )

पितृदोष दूर करने के लिए अमावस्या के दिन चावल की खीर बनायें और फिर उसमें रोटी चूर डाल दें। इसके बाद यह कौओं के लिए छत पर रख दें।

चावल का दान कब करना चाहिए? ( Chaval ka daan kab karna chahiye? )

1. यदि लम्बे समय से शादी न हो रही हो या विवाह में बार-बार अड़चन आ रहे हो।  

2. अपने आर्थिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भी चावल को शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए।  

3. जिन जातकों की कुंडली में शुक्र अशुभ फल प्रदान कर रहा है उन्हें चावल दान करना चाहिए। दान करने के पश्चात शुक्र यन्त्र लॉकेट को धारण करना चाहिए इससे शुक्र के दुष्प्रभाव कम हो जाते हैं।  

4. मंगल दोष से पीड़ित जातकों को भी चावल दान करना चाहिए।  Mangle Yantra Locket धारण करने से मंगल दोषों से मुक्ति मिलती है।  
Shweta Chauhan
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