Vastu Tips : भगवान की मूर्ति खंडित होते ही करें ये उपाय नहीं तो बनेंगे पाप के भोगी

भगवान की मूर्ति टूटने से क्या होता है? ( Bhagwan ki murti tutne se kya hota hai? )

कई बार घर में भगवान की मूर्ति जाने-अनजाने में टूट जाती है जिसे शास्त्रों के हिसाब से एक अपशकुन माना गया है। भगवान की मूर्ति का टूटना यानी किसी संकट का घर में दस्तक देना। हम रोज़ भगवान की पूजा करते हैं इसलिए वे केवल एक मूर्ति नहीं बल्कि एक सजीव भगवान है जिसमें हमारे विश्वास और भक्ति ने प्राण डाले हैं। सबसे पहले तो यदि कभी ऐसा हो तो भगवान से क्षमा याचना करें और फिर हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें। हनुमान चालीसा का पाठ करते ही आपके घर पर आने वाले संकट टल जाएंगे।

इसी तरह Hanuman Chalisa Locket को धारण करने से संकटमोचक हनुमान व्यक्ति पर आने वाले सभी संकटों को हर लेते हैं और उसकी हर बुरी शक्तियों और शत्रुओं की साजिश से रक्षा करते हैं। यदि आप अपने शत्रुओं से तंग हैं और आपको ऐसा लगता है कि आप हमेशा संकटों से घिरे रहते हैं तो मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने के पश्चात Hanuman Chalisa Locket को पहले हनुमान जी को अर्पित करें और फिर इसे धारण करें। 

घर में टूटी मूर्ति रखने से क्या होता है? ( Ghar me tut murti rakhne se kya hota hai? )

हिन्दू धर्म में टूटी हुई मूर्ति को घर में रखना निषेध है क्योंकि ऐसा करना वास्तु शास्त्र के अनुसार अशुभ माना गया है। घर में टूटी मूर्ति रखने से नकारात्मक ऊर्जा बलवती है। मन अशांत और अस्थिर हो जाता है। एकाग्रता नहीं रहती और विचार भी अशुद्ध होने लगते हैं। जब भी हमारा ध्यान टूटी हुई मूर्ति पर जाता है तो यह नकारात्मकता की ओर बढ़ने लगता है।

मूर्ति खंडित कैसे होती है? ( Murti khandit kaise hoti hai? )

कई बार हमसे जाने अनजाने में भगवान की मूर्ति टूट जाती है, कई बार मूर्ति में काफी समय से रखे हुए दरारे पड़ जाती हैं इन्हें खंडित मूर्तियों की श्रेणी में रखा जाता है। खंदिर मूर्तियों को घर में रखना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना गया है।  

मूर्ति खंडित होने पर क्या करना चाहिए? ( Murti khandir hone par kya karna chahiye? )

मूर्ति की पूजा करते रहने से उसमें देवत्व का वास हो जाता है इसलिए जब मूर्ति खंडित हो तो उसे आप अक्षत के साथ बहते जल में विसर्जित कर दीजिये। कहते हैं इस तरह उस मूर्ति में मौजूद देवत्व चला जाता है और सभी संकट भी टल जाते हैं। खंडित मूर्ति को घर के बाहर कहीं पेड़ के नीचे रखने या कहीं फेंक देने की भूल बिल्कुल भी न करें। इस तरह आप ईश्वर का अपमान करते हैं।

खंडित मूर्ति की पूजा करने से क्या होता है? ( Khandit murti ki puja karne se kya hota hai? )

खंडित मूर्तियां नकरात्मकता का प्रतीक हैं इनकी पूजा करने से आप अपने घर में नकारात्मक ऊर्जाओं को निमंत्रण दे रहें होते हैं। जब भी हम किसी खंडित मूर्ति की ओर देखते हुए पूजा अर्चना करते हैं तो इससे हमारा ध्यान पूजा में नहीं बल्कि उस टूटी मूर्ति की ओर अधिक जाता है। टूटी हुई मूर्ति ध्यान भटकाने और एकाग्र क्षमता कम करती है। खंडित मूर्ति की पूजा करने से हमें पुण्य की प्राप्ति नहीं होती उल्टा हम पाप के भोगी बन जाते हैं।

घर में मूर्ति कितनी बड़ी होनी चाहिए? ( Ghar me murti kitni badi honi chahiye? )

हिन्दू ज्योतिष शास्त्रों में घर में भगवान की मूर्ति रखने के नियम बताये गए हैं। ज्योतिष के अनुसार अंगूठे के आकार या 3 इंच से बड़ी मूर्तियां घर में नहीं रखनी चाहिए। मूर्ति जितनी बड़ी होगी उतनी ही ऊर्जा उसमें होती है अतः ज्यादा बड़े आकार की मूर्ति की ऊर्जा घर के लिए ठीक नहीं मानी जाती। बड़ी मूर्तियों का स्थान मंदिर या बड़े गर्भगृह में होता है।

पूजा घर में मूर्ति रखने का स्थान क्या होना चाहिए? (  Puja ghar me murti rakhne ka sthan kya hona chahiye? )

पूजा घर को हमेशा उत्तर पूर्व या ईशान कोण में ही होना चाहिए, वहीँ यहाँ पर रखी जाने वाली मूर्तियां को कभी भी नैऋत्य कोण यानी  दक्षिण-पश्चिम के मध्य स्थान में न रखें। इसके पीछे की वजह यह है कि इस कोण में पृथ्वी तत्व का स्थान है और इस दिशा के स्वामी राहु-केतु माने जाते हैं।

घर का मंदिर कैसा होना चाहिए? ( Ghar ka mandir kaisa hona chahiye? )

घर का मंदिर सफ़ेद या हलके रंग का हो और वह उत्तर पूर्व या ईशान कोण में स्थापित होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के हिसाब से मंदिर की ऊंचाई इतनी होनी चाहिए कि भगवान के चरण और हमारा हृदय का स्तर बराबर तक आये। मंदिर को कभी जमीन पर न बनाएं क्योंकि ईश्वर का स्तर तो हम से ऊपर है फिर हम उन्हें अपने पैरों के स्थान पर कैसे रख सकते हैं? साथ ही ध्यान रहे कि मंदिर में पूजा करने के बाद दीये को दक्षिण स्थान पर रख दें। ऐसा करना शुभ माना जाता है।  

घर के मंदिर में क्या नहीं रखना चाहिए? ( Ghar ke mandir me kya nahi rakhna chahiye? )

1. पूजा घर में कभी भी एक भगवान की दो प्रतिमाएं न रखें।  

2. मंदिर को हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में बनायें।  

3. घर में जरूरत से ज्यादा बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए।  

4. मंदिर घर में माचिस और जली हुई तीली भी नहीं रखनी चाहिए।
 
5. मंदिर में दो शालिग्राम, दो शिवलिंग, तीन गणेश और दुर्गा माँ की प्रतिमा, दो शंख और दो गोमती चक्र नहीं होने चाहिए।   

घर के मंदिर में माचिस क्यों नहीं रखनी चाहिए? ( Ghar ke mandir me machis kyu nahi rakhni chahiye? )

घर के मंदिर में माचिस या जली हुई तीली रखने की मनाही है क्योंकि यह नकारात्मकता की सूचक है। घर में मौजूद मंदिर एक ऐसा स्थल होता है जो पूरे घर को सकरात्मक बनाये रखने में अपनी भूमिका निभाता है। ऐसे में यदि हम ऐसे पवित्र स्थान पर जली हुई तीली या माचिस रखेंगे तो इससे नकरात्मक शक्ति का घर में संचार होने लगेगा।  

पूजा कब नहीं करनी चाहिए? ( Puja kab nahi karni chahiye? )

जिस प्रकार व्यक्ति अपने नियमों और दिनचर्या के हिसाब से चलता है उसी प्रकार भगवान की भी एक दिनचर्या होती है इसलिए हम भी उन्हें हर समय परेशान नहीं कर सकते हैं। पूजा के लिए भी यही नियम लागू होता है।  कहा जाता है कि दोपहर 12 बजे से लेकर संध्या में 4 बजे तक पूजा नहीं करनी चाहिए। यह समय भगवान के विश्राम का होता है।

शिवलिंग टूटने से क्या होता है? ( Shivling tutne se kya hota hai? )

हिन्दू धर्म में शिवलिंग ही एक ऐसा ईश्वर का निराकार रूप है जो खंडित होने के बाद भी पूजनीय माना जाता है। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी कारणवश शिवलिंग खंडित हो जाता है तो वह उतना ही पवित्र और शुभ है न कि अशुभता का प्रतीक।  

Shweta Chauhan
2 Comments
  1. Hanumaan ji ka naya mandir banaye hai jo pehle se tha, lekin bahut chota tha Hanumaan ji v khandit ho gye the,Ab bada banaye hai lekin Hanumaan mandir hi hai aur Hanumaan ji rakhni hai lekin kya Shiv bhagwan aur maa Durga ki chota-chota murti right nd left krr k rakh sakte hai mandir mein,yaha k pandit bolted hai nhi,so pls mujhe sahi jaankari dejeye…

  2. Agar Ghar ki murti thodi bahut kharoch hui hai. Shifting ke doran. To Kya tab bhi Hume murti pravah Leni chahiye?

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