नर्मदेश्वर शिवलिंग Narmadeshwar Shivling क्या है

नर्मदेश्वर शिवलिंग Narmadeshwar Shivling क्या है

दोस्तों आज मै आपको बताने जा रहा हूँ की नर्मदेश्वर शिवलिंग Narmadeshwar Shivling क्या है इसके फायदे ,लाभ, और पहचान आदि। तो आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े

यह कुछ प्रसिद्ध शिवलिंगो में से एक है। इस शिवलिंग को ‘बाणलिंग’ शिवलिंग के नाम से भी जाना जाता है। इस शिवलिंग के नाम के पीछे यह कारण बताया है की यह नर्मदा नदी के किनारे पाया जाता है। जिसके चलते ही इसका नाम नर्मदेश्वर शिवलिंग पड़ गया।

हमारे धार्मिक ग्रंथों और पौराणिक कथाओं के अनुसार मां नर्मदा को यह वरदान प्राप्त है कि इनकी नदी का किसी भी प्रकार का पत्थर शिवलिंग के रूप में ही विश्वभर में पूजा जाएगा। यहीं कारण है की नर्मदा नदी का हर पत्थर नर्मदेश्वर शिवलिंग के रूप में ही माना जाता है।

क्यों माना जाता है नर्मदेश्वर शिवलिंग को सर्वाधिक शक्तिशाली और पवित्र ?

नर्मदा नदी से निकलने वाले शिवलिंग को नर्मदेश्वर कहते है . – नर्मदा नदी को शिव के वरदान के कारण इससे प्राप्त होने वाले शिवलिंग को इतना ज्यादा पवित्र माना जाता है की नर्मदा नदी का कण-कण शिव माना जाता है.

जानिए नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा करने के क्या लाभ है

हिन्दू धर्म में शिवलिंग की पूजा का बहुत ही विशेष महत्व बताया जाता है। शिवलिंग की पूजा आप अपने घर के आस पास के किसी मंदिर में जाकर कर सकते है, इसके अलावा आप शिवलिंग को अपने पूजा घर में भी स्थापित कर सकते है। घर में शिवलिंग होने से ना सिर्फ सकारत्मक वातावरण रहता है बल्कि सुख और शांति का भी संचार होता है।

वैसे तो शिवलिंग के बहुत से प्रकार पाएं जाते है लेकिन आज हम जिस शिवलिंग के बारे में जानकारी देने जा रहे है वो है – नर्मदेश्वर शिवलिंग। इस जानकारी में हम आपको बताएंगे कि क्यों आपको अपने घर में यह स्थापित करने चाहिए और इसके क्या फायदे हो सकते है। आइये जानते है क्या है नर्मदेश्वर शिवलिंग और इसके फायदे।

Narmadeshwar Shivling With Stone Base
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नर्मदेश्वर शिवलिंग Narmadeshwar Shivling के लाभ

1 घर में नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना से आप किसी भी प्रकार के भय से मुक्ति पा सकते है। इसके साथ ही यह आपको आत्मविश्वास हासिल कराने में भी बहुत मददगार साबित होता है।
2 हर रोज इस शिवलिंग कि पूजा करने से सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही यह परिवारजनों पर आने वाले सभी
संकटों को भी टाल देता है।
3 यदि आप किसी काम के लिए बहुत अधिक प्रयास कर रहे है लेकिन किसी कारण से आपको सफलता नहीं मिल रही है तो इस स्थिति में
नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा बहुत ही असरदार होती है। नर्मदेश्वर शिवलिंग भागोदय में भी कल्याणकारी साबित होता है।
4 नर्मदेश्वर शिवलिंग की प्रतिदिन पूजा करने से घर में सुख- समृद्धि के साथ शांति का भी वास होता है। माना जाता है की इसकी पूजा करने
से धन, वैभव, ज्ञान ओर ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
5 नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना करने से घर से सभी प्रकार की नेगेटिव एनर्जी दूर हो जाती है। इसके अलावा यह शारीरिक कष्टों से
छुटकारा दिलाने के साथ ही मन की शांति प्रदान करने में भी असरदार साबित है।
6 नर्मदेश्वर शिवलिंग से अकाल मृत्यु की संभावना भी कम हो जाती है। वेद-पुराणों के अनुसार जिस स्थान पर नर्मदेश्वर शिवलिंग का वास
होता है, वहां काल और यम आसनी से प्रवेश नहीं करते है।

नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना के समय इन चीजों का रखें विशेष ध्यान

1 शिवलिंग की स्थापना किसी भी दिशा में की जा सकती लेकिन इनकी वेदी का मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर ही होना चाहिए।
2 घर में स्थापित होने वाले शिवलिंग की ऊंचाई 6 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए।
3 शिवलिंग को एक बड़े पात्र में रखें और फिर पूजा-घर में स्थापित करें।
4 शिवलिंग को स्थापित करने के बाद जल और बेलपत्र आदि अर्पित करें।

असली नर्मदेश्वर शिवलिंग Narmadeshwar Shivling की पहचान क्या है

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताने जा रहे है की नर्मदेश्वर शिवलिंग की पहचान कैसे करते है तथा नर्मदेश्वर शिवलिंग कहा पाया जाता है. इसके अलावा इस टॉपिक से संबंधित अन्य और भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने वाले हैं. इसके लिए हमारा यह आर्टिकल लास्ट तक जरुर पढ़े.

ये है दुनिया का सबसे पवित्र शिवलिंग, ऐसे करें आराधना

नर्मदेश्वर शिवलिंग को सबसे ज्यादा सर्वाधिक शक्तिशाली और पवित्र माना जाता है. आइए जानें, इसकी आराधना और स्थापना करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

शिव जी की पूजा में शिवलिंग का विशेष महत्व है। सामान्य तौर पर ऐसा भी कहा जाता है कि बिना शिवलिंग की पूजा किए शिव जी की आराधना अधूरी रहती है। बता दें कि शिवलिंग को भगवान शिव का निराकार स्वरूप कहा गया है। ऐसे में शिव भक्तों के लिए शिवलिंग का महत्व और भी अधिक हो जाता है। इसके अलावा शिवलिंग में शिव जी और मां शक्ति दोनों का ही वास है। इस तरह से शिवलिंग की पूजा करने से शिव और मां शक्ति दोनों की ही आराधना हो जाती है। मालूम कि शिवलिंग कुछ खास प्रकार के होते हैं। इन सभी का अपना अलग-अलग महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सभी शिवलिंगों में नर्मदेश्वर शिवलिंग को सबसे पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। आज हम आपको नर्मदेश्वर शिवलिंग के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

बता दें कि नर्मदा नदी से निकलने वाले शिवलिंग को नर्मदेश्वर शिवलिंग कहा जाता है। दरअसल नर्मदा नदी को भगवान शिव का आशीर्वाद मिला हुआ है। इस आशीर्वाद से नर्मदा नदी का कण-कण बहुत ही पवित्र बताया गया है। इस वजह से इस नदी से निकलने वाले शिवलिंग सबसे ज्यादा पवित्र माने जाते हैं। नर्मदेश्वर शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि वह हमें कई तरह के भय से बचाता है। कहते हैं कि नर्मदेश्वर शिवलिंग के वास स्थान से काल और यम का भय दूर रहता है।
शिव पूजा में शिवलिंग की महत्ता को देखते हुए इसे घर और मंदिर दोनों जगहों पर स्थापित किया जाता है। इसे इन दोनों जगहों पर स्थापित करने के अलग-अलग नियम हैं। इसमें सबसे सामान्य सी बात यह है कि शिवलिंग की वेदी का मुख उत्तर दिशा में होना चाहिए। कहा जाता है कि नर्मदेश्वर शिवलिंग की आराधना से भक्त पर शिव जी की कृपा बरसती है। नर्मदेश्वर शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय उसमें बेलपत्र भी शामिल करना चाहिए। ऐसा करने से शिव जी काफी प्रसन्न रहते हैं।

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