Nazar Dosh : जानिये नज़र दोष के लक्षण और उससे मुक्ति पाने के उपाय

नज़र दोष क्या होता है? ( Nazar Dosh kya hota hai? )


Nazar Dosh :
कई बार व्यक्ति लाख कोशिश करे तब भी वह अपने लक्ष्य को पा सकने में असफल होता है। वह सोचता है कि इतनी मेहनत के बावजूद कुछ हासिल नहीं हो रहा इससे बेहतर है वह हार मान जाए। परन्तु जीवन में आने वाले ये संकट हमारे भाग्य में नहीं लिखे होते बल्कि कुछ लोगों की ईर्ष्या के चलते हमारे सफर का हिस्सा बन जाते हैं।

ये प्रतिकूल परिस्थितियां हमारे ग्रह दोषों और नज़र लगने के कारण उत्पन्न होती हैं। बुरी नज़र के कारण व्यक्ति के आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है और सभी शुभ कार्यों में अड़चनें आनी शुरू हो जाती हैं। आज हम आपको उन्हीं नज़र दोषों से जुड़ी जानकारी देने वाले हैं कि नज़र दोष के लक्षण क्या होते हैं?, नज़र लगी हो तो क्या करना चाहिए? साथ ही ऐसे कौन से टोटके हैं जिनसे व्यक्ति शीघ्र ही नजर दोष से मुक्ति पा सकता है।

कैसे पता करे की नजर लगी है? ( Kaise pata kare ki nazar lagi hai? ) 


आइये जानते हैं नजर दोष के लक्षण ( nazar dosh ke lakshan ) :

1. घर को बुरी नजर लग जाए तो हर दिन घर में किसी न किसी प्रकार का कलेश होता है, माहौल अशांति भरा बना रहता है।

2. दुकान में नजर लग जाए तो ग्राहकों पर असर पड़ता है, नकारात्मक ऊर्जाएं दुकान में बिक्री नहीं देती हैं।

3. व्यापार या धंधे में नजर दोष लगा हो तो लाभ नहीं मिलता, आक्समिक हानि का सामना करना पड़ता है। यदि प्रभाव ज्यादा हो तो धंधा चौपट होने की नौबत तक आ सकती है।

4. व्यक्ति पर बुरी नज़र का असर उसके मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। कोई भी कार्य सफल नहीं होने देता।

5. किसी शिशु नजर लगने की स्थिति में वह अचानक से बीमार पड़ जाता है। उसका व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है।

नजर दोष से बचने के उपाय ( nazar dosh se bachne ke upay )


आइये जानते हैं buri nazar ke upay in hindi :

1. बुरी नजर यदि व्यक्ति को लगी है तो इसके लिए Panchmukhi Hanuman Kavach धारण करना चाहिए। हनुमान जी हर बुरी नजर से व्यक्ति की रक्षा करेंगे और जल्द ही सकरात्मक ऊर्जा का प्रवाह नजर दोष से पीड़ित व्यक्ति के आभामंडल में बढ़ने लगेगा।

2. व्यापार में भारी नुकसान और धंधा चौपट होने की स्थिति से गुजर रहे जातकों के लिए नजर दोष निवारण यंत्र Money Vastu fengshui Stone बहुत लाभकारी है इसे व्यापार या दुकान वाले मुख्य स्थान पर लगाने से जातक को शीघ्र ही अपनी समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

3. यदि आपको ऐसा लगता है कि आपके घर या दुकान को किसी की बुरी नज़र लगी है तो अपने घर/ dukan ki nazar utarna के लिए मुख्य द्वार पर नींबू-मिर्ची के साथ नजर दोष निवारण यंत्र Ghode Ki Naal Evil Eye को लगाएं। कुछ समय बाद आपको अपने घर का माहौल शान्तिमय दिखने लगेगा।

4. घर की सुख-समृद्धि और धन-अन्न की कमी को दूर करने के लिए नजर दोष निवारण यंत्र Nazar Suraksha Kavach (नज़र सुरक्षा कवच) को घर के मुख्य द्वार पर लगाएं।

5. नजर उतारने के प्राचीन उपाय में एक उपाय है दो सूखी लाल मिर्च, थोड़ा नमक, सरसों के कुछ दाने बच्चे के सिर के ऊपर से नीचे की ओर 3 बार घुमाएं और फिर उसे जला दें। जलने की इस प्रक्रिया से उसके राख बनने तक शिशु की नजर तुरंत उतर जाएगी।

6. Dukan ko buri nazar se bachne ke upay के लिए दुकान में सुबह-शाम कपूर और लोबान जलाएं। अभिमंत्रित रक्षासूत्र को बांधकर रोजाना कपूर जलाने के बाद गंगाजल भी छिड़कें।

नजर बट्टू कब लगाना चाहिए? ( Nazar Battu kab lagana chahiye? )


जब आपको ऐसा लगे कि आपके घर को किसी बुरी शक्तियों ने घेर लिया है। नकारात्मक ऊर्जा हर कार्य में अड़चन डाल रही है तो घर में लाल धागे में बांधकर नज़र बट्टू लगाएं। इससे घर का वातावरण सकारात्मक बना रहेगा।

जानिये चार मुखी रुद्राक्ष की पहचान का तरीका और अद्भुत फायदे

4 मुखी रुद्राक्ष का महत्व ( Significance of Four Mukhi Rudraksha ) 

चार मुखी रुद्राक्ष संसार के जड़-चेतन के स्वामी ब्रह्मा जी का प्रतिनिधित्व करता है। इस रुद्राक्ष के अधिपति देवता ब्रह्मा जी और अधिपति देवी सरस्वती मानी जाती है जबकि इस रुद्राक्ष के अधिपति ग्रह बुध देव हैं। इसका अर्थ है कि यह char mukhi rudraksha ब्रह्मा के समान रचनात्मक, सरस्वती के समान ज्ञानी और कलात्मक गुणों से भरपूर है। बुध देव इसके अधिपति ग्रह होने के कारण यह रुद्राक्ष कुंडली में कमजोर बुध की स्थिति और उसके दोषों को दूर करने का कार्य भी करता है। इसका महत्व छात्रों के लिए बहुत अधिक है।
दूसरे शब्दों में कहें तो चार मुखी रुद्राक्ष पढ़ने-लिखने वाले छात्र वर्ग, शिक्षक, कला के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए सबसे उत्तम है। यह तो सभी को मालूम है कि rudraksh का उद्भव भगवान शिव के अश्रुओं से हुआ है इसलिए यह भोलेनाथ को अत्यधिक प्रिय है। परन्तु रुद्राक्ष के हर मुख में किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह का वास है। जिस कारण हर रुद्राक्ष की विशेषताएं बदल जाती हैं। आज हम आपको चार मुखी रुद्राक्ष के बारे में बताने जा रहे हैं।

4 मुखी रुद्राक्ष के फायदे ( 4 mukhi rudraksha benefits in hindi ) 

आइये जानते हैं चार मुखी रुद्राक्ष के लाभ :

1. इसे धारण करने से संचार कौशल के विकास और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है।

2. 4 mukhi rudraksha ke fayde में एक फायदा यह भी है कि इससे व्यक्ति में तार्किक और बौद्धिक क्षमता बढ़ने लगती है।

3. यह rudraksh पढ़ाई में स्कूली छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

4. char mukhi rudraksha पत्रकारों, शिक्षकों, लेखकों और शोधकर्ताओं के कौशल में वृद्धि करता है।   

5. बुध ग्रह से संबंधित दोषों वाले जातकों को यह रुद्राक्ष अवश्य ग्रहण करना चाहिए।

चार मुखी रुद्राक्ष कैसे धारण करें? ( How to wear four mukhi rudraksha? )

1. Rudraksh ki mala को धारण करने के लिए सबसे शुभ दिन सोमवार माना जाता है।

2. इस दिन भगवान शिव की पूजा कर, शिवलिंग पर जल अर्पित करें।

3. इसके बाद भोलेनाथ का नाम लेकर आसन पर बैठ जाए और चार मुखी रुद्राक्ष के धारणीय मंत्र का 108 बार जाप करें।

                              4 मुखी रुद्राक्ष का मंत्र : धारण मंत्र-‘ॐ ह्रीं नम:’
 
4. अब चार मुखी रुद्राक्ष को मन्त्रों का उच्चारण करते हुए रुद्राक्ष माला धारण करें।  

5. ध्यान रहे कि रुद्राक्ष धारण करने के बाद भगवान शिव की नियमित रूप से पूजा अवश्य की जानी चाहिए।

4 मुखी रुद्राक्ष की पहचान ( Identification of Four mukhi rudraksha )


1. चार मुखी रुद्राक्ष को पहचानने का सबसे पहला तरीका है उसमें निर्मित धारियों को पर गौर करना। इस रुद्राक्ष की पहचान ही चार धारियां है।  

2. 4 मुखी रुद्राक्ष में विद्युत चुंबकीय तत्वों का समावेश होता है इसलिए जब इसे दो सिक्कों के बीच रखा जाता है तो इसमें एक गति देखने को मिलती है। उस गति के चलते यह खुद-ब-खुद किसी भी दिशा में मुड़ने लगता है। आप इस परिक्षण को घर में उपयोग में लाए जाने वाले सिक्कों से करके देख सकते हैं।

3. रुद्राक्ष को जब जल के अंदर डाला जाए तो वह ऊपर नहीं तैरता बल्कि जल में भीतर जाकर बैठ जाता है। हालाँकि यह परिक्षण इतना कारगर नहीं है क्योंकि आज कल बाजारों में ऐसी बहुत सी लकड़ियां है जो पानी में डूब जाती हैं।

4 मुखी रुद्राक्ष कौन पहन सकता है? ( Who can wear Four Mukhi Rudraksha? )

4 मुखी रुद्राक्ष को छात्र वर्ग, शिक्षक, कला के क्षेत्र से संबंध रखने वाले लोग, पत्रकार, शोधकर्ता आदि पहन सकते हैं।

4 मुखी रुद्राक्ष कब पहनना चाहिए? ( When to wear Four Mukhi Rudraksha? )

4 मुखी रुद्राक्ष को पहनने के सबसे शुभ दिन सोमवार का माना जाता है क्योंकि रुद्राक्ष में भगवान शिव का वास माना जाता है।

किस राशि वालों को चार मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए?

यदि वृष राशि, मिथुन राशि, कन्या राशि और तुला राशि के लोग चार मुखी रुद्राक्ष को धारण करते हैं तो यह उनको अत्यधिक लाभ पहुंचाएगा। चार मुखी रुद्राक्ष इन चार राशियों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।  
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