बदमाशों के बीच में से अपने भक्त को बचा लाई मां दुर्गा, देखने वालों के खड़े हो जाएंगे रोंगटे

राजस्थान के सूरजपुर गांव के सरपंच ने अपनी सच्ची कहानी से हम सबको रूबरू करवाया है। उन्होंने बताया कि, किस तरह मां दुर्गा ने बीच में आकर उनको बचाया। यदि वह बीच में नहीं आती तो मैं आज जिंदा नहीं होता और ना ही यह किस्सा आपको सुना पाता। मैंने पहली बार मां दुर्गा की शक्ति को देखा है। मेरा नाम संजीव यादव है। कुछ समय पहले हमारे साथ वाला मकान बिका और उसमें कुछ लोग रहने आए। वह लोग थोड़े अजीब से थे व उनका व्यवहार भी साधारण नहीं था। उन लोगों को आए हुए 10 दिन भी नहीं हुए थे और वह सबसे किसी ना किसी बात पर लड़ने लगते थे। एक बार मैं रात के समय अपने ऑफिस से आया और मैंने अपनी बाईक को थोड़ी देर उनके घर के आगे लगाने की बात कही तो वह मुझसे लड़ने लगे और मेरी बाईक को धक्का मारने लगे। मेरे घर थोड़े से गेस्ट आए हुए तो उनकी बाईक और स्कूटी मेरे घर के सामने लगी हुई थी। धीरे-धीरे बात इतनी बढ़ गई कि, वह मुझे पीटवाने के लिए लड़कों को ले आए। कई लड़कों ने मुझे घेरा और मुझे बुरी तरह से लिटाकर पीटने लगे। मेरी पत्नी सुमन मां दुर्गा की बहुत बड़ी भक्त थी। उसने काफी मुझे बचाने की कोशिश की, लेकिन  इतने लोगों के बीच मेरे घरवाले कुछ नहीं कर पाए। फिर एक अनजान औरत अपने साथ 5-6 लोगों को लाई और उनसे मेरा पीछा छुड़वाया। वह लड़के डरकर भागाने लगे। मैं उनका शुक्रिया करता इतने में तो वह लड़के और औरत कहां गायब हो गई किसी ने ना तो देखा और ना ही समझ पाए। इसके बाद जब सब कुछ शांत हो गया तो मैंने देखा कि, किसी महिला का पैरों के निशान हमारे मंदिर तक जा रहे थे। वह निशान अल्ता लगाने वाली किसी महिला के लग रहे थे, लेकिन मेरे घर के बड़े-बुजुर्गों का कहना था कि, वह माता के पैरों के निशान है और उन्होंने मेरी जान बचाकर यह साबित किया है कि, वह हमारे साथ हर मुश्किल में हैं। उनके पैरों के निशानों की पूजा करते-करते मेरी पत्नी मंदिर तक गई और हम सबने मां दुर्गा का शुक्रिया अदा किया। आज उन्होंने खुद आकर मेरी जान बचाई मेरे लिए इससे बड़ी खुशी क्या हो सकती है। सबसे हैरान कर देने वाली बात यह थी कि, जब हम अगली सुबह उठे तो वहां पर पैरों के निशान मौजूद नहीं थे। जबकि हर किसी ने उनके पैरों के निशान वहां देखे थे। तब से हमारे सब ही पड़ोसी हमसे अच्छा व्यवहार करते है और सभी एक-दूसरे के लिए हमेशा खड़े रहते हैं। क्योंकि मां दुर्गा की असीम कृपा मुझपर और मेरे परिवार पर है। जोकि मेरी पत्नी सुमन की वजह से है। उसकी ही पूजा-पाठ ने आज इतना बड़ा चमत्कार मुझे दिखाया है। 

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