आपके घर में आने वाला हर संकट दूर करती है यह चमत्कारी चीज​

एक सदना नाम का कसाई था,मांस बेचता था पर भगवत भजन में बड़ी निष्ठा थी एक दिन एक नदी के किनारे से जा रहा था रास्ते में एक पत्थर पड़ा मिल गया.उसे अच्छा लगा उसने सोचा बड़ा अच्छा पत्थर है क्यों ना में इसे मांस तौलने के लिए उपयोग करू. उसे उठाकर ले आया.और मांस तौलने में प्रयोग करने लगा.

जब एक किलो तौलता तो भी सही तुल जाता, जब दो किलो तौलता तब भी सही तुल जाता, इस प्रकार चाहे जितना भी तौलता हर भार एक दम सही तुल जाता, अब तो एक ही पत्थर से सभी माप करता और अपने काम को करता जाता और भगवन नाम लेता जाता.

एक दिन की बात है उसी दूकान के सामने से एक ब्राह्मण निकले ब्राह्मण बड़े ज्ञानी विद्वान थे उनकी नजर जब उस पत्थर पर पड़ी तो वे तुरंत उस सदना के पास आये और गुस्से में बोले ये तुम क्या कर रहे हो क्या तुम जानते नहीं जिसे पत्थर समझकर तुम तौलने में प्रयोग कर रहे हो वे शालिग्राम भगवान है इसे मुझे दो जब सदना ने यह सुना तो उसे बड़ा दुःख हुआ और वह बोला हे ब्राह्मण देव मुझे पता नहीं था कि ये भगवान है मुझे क्षमा कर दीजिये.और शालिग्राम भगवान को उसने ब्राह्मण को दे दिया.

ब्राह्मण शालिग्राम शिला को लेकर अपने घर आ गए और गंगा जल से उन्हें नहलाकर, मखमल के बिस्तर पर, सिंहासन पर बैठा दिया, और धूप, दीप,चन्दन से पूजा की. जब रात हुई और वह ब्राह्मण सोया तो सपने में भगवान आये और बोले ब्राह्मण मुझे तुम जहाँ से लाए हो वही छोड आओं मुझे यहाँ अच्छा नहीं लग रहा. इस पर ब्राह्मण बोला भगवान ! वो कसाई तो आपको तुला में रखता था जहाँ दूसरी ओर मास तौलता था उस अपवित्र जगह में आप थे.

भगवान बोले – ब्रहमण आप नहीं जानते जब सदना मुझे तराजू में तौलता था तो मानो हर पल मुझे अपने हाथो से झूला झूला रहा हो जब वह अपना काम करता था तो हर पल मेरे नाम का उच्चारण करता था.हर पल मेरा भजन करता था जो आनन्द मुझे वहाँ मिलता था वो आनंद यहाँ नहीं.इसलिए आप मुझे वही छोड आये.तब ब्राह्मण तुरंत उस सदना कसाई के पास गया ओर बोला मुझे माफ कर दीजिए.वास्तव में तो आप ही सच्ची भक्ति करते है.ये अपने भगवान को संभालिए.

दोस्तों यदि आप भी प्रेम और श्रद्धा से भगवान् की भक्ति करते है उनका पूजन करते है तो विष्णु भगवान् का रूप शालिग्राम आपके घर के लिए सबसे सही है. ऐसे में हम शालिग्राम को घर के मंदिर में रख सकते है और तुलसी के नीचे शालिग्राम को रखना सबसे सर्वोत्तम माना गया है |

शालिग्राम को घर में क्यों रखना चाहिए..

शालिग्राम को भगवान विष्णु का ही एक अवतार माना जाता है। इसमें भगवान विष्णु के दस अवतार समाहित हैं।

पुराणों के अनुसार जिस घर में शालिग्राम स्थापित हो, वह घर समस्त तीर्थों से भी श्रेष्ठ माना जाता है। शालिग्राम को विभिन्न पूजाओं में शामिल किया जाता है। खासतौर से सत्यनारायण की कथा में भगवान विष्णु के समीप शालिग्राम को स्थापित किया जाता है। जो निरंतर शालिग्राम को जल से अभिषेक करता है, वह संपूर्ण दान के पुण्य तथा पृथ्वी की प्रदक्षिणा के उत्तम फल का अधिकारी बन जाता है।मृत्युकाल में इनके चरणामृत का जलपान करने वाला समस्त पापों से मुक्त होकर विष्णुलोक चला जाता है। पुराण के अनुसार शालिग्राम और तुलसी की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

इसकी पूजा का फल व्यक्ति के समस्त जीवन में पुण्यों और दान के फल के बराबर होता है। दोस्तों यदि आप किसी भी तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हो जैसे ऋण, वित्तीय संकट, और आपको अपना जीवनसाथी नहीं मिला रहा है ,या फिर आपको धन की कमी हो रही है आपके पास पैसा नहीं टिकता या फिर नौकरी नहीं मिल रही है तो शालिग्राम की पूजा करने से आप इन सब से छुटकारा पा सकते हो |

आप हमे फ़ोन के माध्यम से सम्पर्क कर भी इसे अपने अगर मंगवा सकते है

शालिग्राम भगवान् तुलसी माला सहित

 शालिग्राम जी को सबसे पहले माँ तुलसी के साथ स्थपित करे उसके बाद जिस प्रकार हमारे घर में माँ तुलसी को जल अर्पण किया जाता है उसी प्रकार शालिग्राम जी को भी जल से अभिषेक करे ! ऐसा करने से धन की देवी माँ लक्ष्मी की कृपा भी आप पर बनी रहती है 

घर में कैसे करे शालिग्राम पूजा

दोस्तों शालिग्राम जी को सबसे पहले माँ तुलसी के साथ स्थपित करे उसके बाद जिस प्रकार माँ तुलसी को जल अर्पण किया जाता है उसी प्रकार शालिग्राम जी को भी जल से अभिसेक करे उसके बाद उन्हें साफ़ कपड़े से पूछकर उन पर इत्र या गाय का घी लगाए और यह अपने हाथो से ही करे इससे आपकी बुरी किस्मत भी और हाथ की लकीरे भी अच्छी तकदीर में बदल जायँगी अब इसके बाद उन को चन्दन का लेप करे और फिर से ,माँ तुलसी के साथ उन्हें स्थापित करे अब उनकी कपूर से आरती करे और प्राथना में मन ही मन अपने सभी दुःख दर्द बोलदे

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 इस तरह से ये सरल पूजन विधि आप रोजाना करते है तो आपको कोई कष्ट कभी नहीं छू पायेगा आपको बता दू की

 जिस घर में शालिग्राम का पूजन होता है उस घर में लक्ष्मी का सदैव वास रहता है। शालिग्राम श्री हरि विष्णु का स्वरूप है। जहां तुलसी और शालीग्राम की एकसाथ पूजा होती है वहां सभी दैवीय शक्तियां अपना बसेरा बना कर वास करती हैं।

Price: 750 Rs

Shaligram with Tulsi Mala

शालिग्राम आर्डर करने के 3-4 दिन के दौरान Courier के माध्यम से आप तक पहुँचाया जायेगा. भगवान् शालिग्राम की आपको किस तरीके से पूजा करनी है और घर में किस प्रकार रखना है इसकी पूरी विधि भी आपको भेजी जायेगी.

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