Parad Shivlingam

शास्त्रों में यह वर्णन है की लंकापति रावण ने विश्वकर्मा से पारद शिवलिंग को बनवाया था और उसे लंका में स्थापति किया था. यही कारण था की तीनो लोको में सबसे अधिक शक्तिशाली और अभेद्य दुर्ग बन गया था लंका.

इसी तरह देवराज इंद्र द्वारा भी दानवों से स्वर्ग और धरती की रक्षा के लिए वज्रदंती नामक पारद शिवलिंग की स्थापना प्रभास क्षेत्र में की गई थी। इस वजह से वे बिना युद्ध के लिए दानवों को परास्त करने में सफल हुए थे।

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