Narmadeshwar Shivling

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नर्मदा नदी से निकलने वाले शिवलिंग को ‘नर्मदेश्वर’ कहते हैं। यह घर में भी स्थापित किए जाने वाला पवित्र और चमत्कारी शिवलिंग है; जिसकी पूजा अत्यन्त फलदायी है। यह साक्षात् शिवस्वरूप, सिद्ध व स्वयम्भू शिवलिंग है। इसको वाणलिंग भी कहते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि मिट्टी या पाषाण से करोड़ गुना अधिक फल स्वर्णनिर्मित इस शिवलिंग के पूजन से मिलता है। स्वर्ण से करोड़गुना अधिक मणि और मणि से करोड़गुना अधिक फल इस नर्मदेश्वर शिवलिंग के पूजन से प्राप्त होता है। नर्मदेश्वर शिवलिंग को वाणलिंग भी कहा जाता है क्योंकि बाणासुर ने तपस्या करके महादेवजी को प्रसन किया था और उन से वर पाया था| कि वे अमरकंटक पर्वत पर सदा लिंगरूप में प्रकट रहें।

नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा करने से कई हजार गुना फल की प्राप्ति होती है . कहा जाता है की महा शिवरात्रि के दिन नर्मदेश्वर शिवलिंग में हजारो शक्तियों आ जाती है यदि आप इस शिवलिंग को महा शिवरात्रि के दिन घर में स्थापित करेंगे या अपने गले में धारण करोगे तो आपको हर प्रकार का सुख प्राप्त होगा जो आप चाहोगे वो आपको प्राप्त हो जायेगा आपको मनोचित फल की प्राप्ति होगी —-नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा उपासना करने से अनेक लाभ होते हैं तथा शिव की कृपा से ज्ञान की वृद्धि होती है। इस शिवलिंग को घर में स्थापित करने से तथा नित्य पूजा करने से सब प्रकार की सुख समृद्धि प्राप्त होती है।

 

भगवान शिव की कृपा से दुःख -दरिद्रता दूर होकर वैभव की प्राप्ति होती है। इस शिवलिंग पर रोज काला तिल अर्पण करने से शनि ग्रह की कृपा से सफलताएँ मिलती हैं। इस शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करने पर गुणवान और भाग्यशाली पुत्र की प्राप्ति होती है। तथा सरसों का तेल अर्पण करने से शत्रु का नाश होता है। इस शिवलिंग पर नित्य खीर अर्पण करने से हर काम में सफलताएँ मिलती हैं, इस शिवलिंग पर बार बार हाथ का स्पर्श करने से या हाथ में रखकर अधिक समय तक पूजा अर्चना करने से मनुष्य की शारीरिक शक्ति बढ़ती है। इस शिवलिंग पर नीला कमल अर्पण करने से भाग्य उदय होता है. शिव लिंग के समक्ष शिव पंचाक्षर मंत्र जाप से मनोकामना पूर्ण होती हैं।

Weight 0.3 g
Dimensions 10 × 6 × 5 cm

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