Dakshinavarti shankh – दक्षिणावर्ती शंख

इस शंख को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। साथ ही में होगी धन-लक्ष्मी की प्राप्ति होगी। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी करेंगी आपके कष्टों को दूर। धन संबधी समस्या का होगा शीघ्र समाधान।

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दक्षिणावर्ति शंख घर में क्यों रखे ?

दक्षिणावर्ती शंख को घर में रखने का जो प्रभाव होता है वो आश्चर्यजनक रूप से अद्वितीय है।  दक्षिणावर्ती शंख के पूजन से खुशहाली आती है और लक्ष्मी प्राप्ति के साथ-साथ सम्पत्ति भी बढ़ती है। विशेष कार्य में जाने से पहले दक्षिणावर्ती शंख के दर्शन करने भर से उस काम के सफल होने की संभावना बढ़ जाती है।

दक्षिणावर्ती शंख को जिस स्थान पर रखा जाता है उस स्थान से रोग, बिमारी,दरिद्रता हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। दक्षिणावर्ति शंख में जल भरकर किसी स्थान पर छिड़का जाता है उस स्थान से काली नकारात्कम शक्तियां मिट जाती है। और धन-संपत्ति की प्राप्ति होती है। साथ ही उस स्थान पर सुख-शांति वैभव बना रहता है।

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दक्षिणावर्ती शंख के फायदे

दक्षिणावर्ती शंख इतना चमात्कारी होता है कि जिस स्थान पर इसको बजाया जाता है उस स्थान से सारी नकारत्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है और साथ ही उस स्थान पर माता लक्ष्मी की कृपा हमेशा बरसती रहती है। शास्त्रों के अनुसार दक्षिणावर्ति शंख को दाएं हाथ से पकड़ा जाता है। इसका सही उपयोग करने से लक्ष्मी और हरि विष्णु हमेशा प्रसन्न रहते हैं। 

  • दक्षिणावर्ती शंख बजने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार
  • माता लक्ष्मी का अति प्रिय है दक्षिणावर्ती शंख
  • भगवान हरि विष्णु का महत्वपुर्ण शस्त्र
  • रोग, बिमारी,दरिद्रता से हमेशा के लिए मुक्ति
  • घर में सदा बनी रहेगी सुख-शांति समृद्धि
  • माता लक्ष्मी और हरि की सदैव आशीर्वाद

दक्षिणावर्ती शंख पूजा विधि

दक्षिणावर्ती शंख की पूजा विधि बहुत ही आसान है। आप भी मां लक्ष्मी और भगवान हरि विष्णु को प्रसन्न,धन की प्राप्ति और अपने कष्टों को दूर करना चहाते हैं तो इस पूजा विधि को पूर्ण रूप से पालन करें। इस शंख को स्थापित करने का शुभ दिन बृहस्पति और शुक्रवार है। आप इन दोनों में से किसी भी दिन दक्षिणावर्ति शंख को स्थापित कर सकते हैं। इस शंख को स्थापित करने के लिए सुर्योदय से पहले स्नान कर लें। स्नान करने के बाद आप आसन पर बैठकर जिस स्थान पर दक्षिणावर्ति शंख को स्थापित करना चाहते हैं।

उस स्थान को गंगाजल से पवित्र कर लें। उसके बाद उसमें शंक में जल भरकर स्थान पर रख दें। ध्यान रहें शंक को दक्षिण-पश्चिम दिशा में ही रखें। इसके बाद ओम श्री लक्ष्मी सहोदराय: नम: का 7  या 11 बार जाप करें। जाप करने के बाद शंक के भरे जल को पूरे घर में छिडकाव कर दें। छिड़काव करने के बाद शंक को उसी स्थान पर दक्षिण-पश्चिम दिशा पर रख दें। ऐसा करने से घर की सारी नकारात्कम शक्ति हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगी। साथ ही माता लक्ष्मी प्रसन्न रहेंगी। 

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किसी विशेष मनोकामना पूर्ति के लिए जो चीजे आप धारण करना चाहते है उसका अभिमंत्रित होना बहुत जरुरी होता है और अगर इसी चीज को हम साधारण भाषा में समझाए तो जिस प्रकार से मंदिर में राखी भगवान् की मूर्ति का प्रभाव होता है उतना प्रभाव रास्ते में कलाकार द्वारा बनाई गयी मूर्ति का नहीं होता। दोनों मूर्ति है तो एक जैसी लेकिन मंदिर में मूर्ति रखने से पहले उसको अभिमंत्रित किया जाता है जिसके कारण उसका प्रभाव बहुत ज्यादा होता है।

ठीक इसी प्रकार आपने इंटरनेट पर इसे बहुत सारी जगह देखा होगा और हो सकता है उनकी कीमत भी कम हो लेकिन हमारे यहाँ से इसे पूर्ण रूप से अभिमंत्रित किया जाता है जिसके कारण इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। आप इस वीडियो में देख सकते है की किस प्रकार मंत्रो से अभिमंत्रित किया जाता है। 

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