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सूर्य यन्त्र लॉकेट में नव ग्रहों के राजा कहे जाने वाले सूर्य देव की शक्तियां सम्मिलित है। इसमें शामिल सभी शक्तियां सूर्य के कमजोर होने की स्थिति में प्रभावकारी ढंग से कार्य करती है और समस्याओं से निजात दिलाती हैं। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य होनी कमजोर स्थिति में विराजमान होता है वे लोग स्वाभाव से स्वार्थी प्रवृति के होते हैं। अत्यधिक आत्म केंद्रित होकर अपने सभी निर्णय लेते हैं। कई प्रकार के रोग जातक को घेर लेते हैं। ऐसे में सूर्य यन्त्र रूपी लॉकेट काफी लाभकारी है।

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लॉकेट रूपी सूर्य यन्त्र क्या है? ( What is Surya Yantra Locket? )


सूर्य यन्त्र लॉकेट में नव ग्रहों के राजा सूर्य देव की अद्भुत शक्तियों का समावेश है। इस यन्त्र में शामिल सभी शक्तियां उस समय अपना प्रभाव दिखाती हैं जब कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो और इसके कारण जातक को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो।

जिन लोगों की कुंडली में सूर्य अशुभ फल दे रहा होता है वे लोग स्वभाव से स्वार्थी होते चले जाते हैं। वे लोग अत्यधिक आत्म केंद्रित होकर अपने जीवन के सभी निर्णय लेने लगते हैं। इतना ही नहीं कई प्रकार के रोग जातक को घेर लेते हैं। इन सभी परिस्थितियों में Surya Yantra Pendant बहुत लाभकारी सिद्ध होता है।

सूर्य यन्त्र लॉकेट के लाभ ( What is the use of Surya Yantra? )


Surya Yantra Locket Benefits in hindi :

1. सूर्य यन्त्र लॉकेट धारण करने से न्याय, राजदूत, राज्‍याध्‍यक्ष, स्वर्ण का व्यापर जैसे क्षेत्रों से संबंध रखने वाले लोगों को बहुत फायदा होता है।

2. नेत्र और हड्डियों से संबंधित रोगों से शीघ्र ही छुटकारा मिलता है।

3. Surya Narayan Yantra benefits यह है कि इससे मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है।

4. भविष्य उज्ज्वल होने की संभावनाएं बढ़ जाती है क्योंकि सूर्य का तेज उज्ज्वल भविष्य की ओर इंगित करता है।

5. Surya Yantra Locket से आलस्य और थकान जैसी समस्याएं दूर होने लगती है।

6. व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है इससे प्रगति के द्वार खुल जाते हैं।

सूर्य यन्त्र लॉकेट को कैसे धारण करें? ( How to wear Surya Yantra Locket? )


1. रविवार के दिन प्रातःकाल स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें।

2. जल अर्पित करते समय सूर्य मंत्र : ”ॐ सूर्याय नम: ।” का उच्चारण अवश्य करें।

3. उसके बाद घर के मंदिर में घी का दीपक और धूप जलाएं।

4. फिर सूर्य बीज मंत्र : ”ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः।” का उच्चारण करते हुए Surya Locket को धारण करें।

5. ध्यान रखने योग्य बात यह कि Locket धारण करने के बाद सूर्य देव की उपासना हर रविवार या प्रतिदिन संभव हो तो अवश्य ही की जानी चाहिए।

6. इस तरह सदैव Surya Dev का आशीर्वाद आपके साथ बना रहेगा और कुंडली में मौजूद सूर्य के दुष्प्रभाव समाप्त हो जाएंगे।

सूर्य यन्त्र को घर में कहाँ रखा जाना चाहिए? ( Where should we keep Surya Yantra at home? )


Suryanarayana Yantra रूपी यदि लॉकेट है तो उसे विधिवत सूर्यदेव की पूजा के बाद धारण किया जा सकता है और यदि सूर्य यन्त्र है तो उसे रविवार के दिन घर के मुख्य द्वार पर टांगने से घर को बुरी नज़र से सरंक्षण मिलता है। इसे घर के मंदिर में भी रख सकते हैं बस ध्यान रहे कि सूर्य यन्त्र की नियमित रूप से पूजा-अर्चना की जाए।

सूर्य कमजोर होने पर क्या होता है? ( Surya kamjor hone par kya hota hai? )


जब कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में होता है तो जातक को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिनका उल्लेख नीचे किया गया है :

1. न्याय, राजदूत, राष्ट्राध्यक्ष जैसे पदों तथा स्वर्ण के व्यापर करने वाले लोगों को नुक्सान उठाना पड़ता है।

2. स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है व्यक्ति को नेत्र रोग, हड्डियों से जुड़े रोगों, थकान और आलस्य घेर लेता है।

3. निर्णय लेने की क्षमता क्षीण होने लगती है क्योंकि व्यक्ति अत्यधिक उलझन में रहने लगता है।

4. मान-सम्मान में हानि होने लगती है, समाज में प्रतिष्ठा का स्तर गिरने लगता है।

5. पिता के साथ हमेशा विवाद की स्थिति बनी रहती है।

6. सूर्य के कमजोर होने के चलते पिता की सेहत भी बिगड़ने लगती है।

सूर्य देव को कैसे मजबूत करें? ( Surya dev ko kaise majboot karen? )


सूर्य को मजबूत करने के लिए तरह-तरह के उपाय और टोटके आजमाए जाते है आइये जाते हैं सूर्य को मजबूत करने के उपायों के बारे में :

1. प्रतिदिन सूर्य देव को स्नान करने के पश्चात तांबे के लोटे में अर्घ्य देना चाहिए।

2. यदि सुबह के समय संभव न हो पाए तो दोपहर के समय ताम्बे के लोटे में रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

3. सूर्य के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए नमक का सेवन कम किये जाने की सलाह दी जाती है।

4. पिता से अपने संबंध मधुर बनाये रखने के प्रयास करें और उन्हें हमेशा ही खुश रखें।

5. प्रतिदिन आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ कम से कम तीन बार करें।

सूर्य प्रतिमा कहाँ लगाए? ( Surya pratima kahan lagaye? )


हिन्दू धर्म के अनुसार ईश्वर उत्तर दिशा में वास करते हैं इसलिए यदि आप सूर्य देव की प्रतिमा को घर में रखना चाहते हैं तो उत्तर दिशा में ही लगाएं। उत्तर दिशा में प्रतिमा लगाने से सूर्य देव की असीम कृपा बरसेगी।

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