अगर आप भी मांग में ऐसे लगाते है सिंदूर तो आपके पति हो सकते है आपसे दूर

नमस्कार दोस्तों हमारे चेंनल में आपका हार्दिक स्वागत है. आज हम आपको बताएंगे एक ऐसी गलती जो महिला हमेसा मांग में सिंदूर लगाते समय करती है परन्तु इस गलती को आप नजर अंदाज ना करे क्योकि यह आपके परिवार पर कष्ट ला सकता है और आपके पति से बिछडाव यानी की दूर का कारण भी बन सकता है. एक हिन्दू परिवार से संबंधित शादीशुदा महिला को सिंदूर की महत्वता भली प्रकार से पता होती है. सिंदूर को हमारे हिन्दू धर्म में सुहाग की निशानी माना जाता है और एक महिला के सम्मान में इसका बड़ा योगदान होता है. लेकिन सिंदूर के बारे में हमें सही जानकारी जैसे की उसे कैसे लगाना है और आखिर ये क्यों लगाया जाता है इन सभी का हमे पता नहीं होता और फिर गलत तरिके से सिंदूर का प्रयोग करने के कारण ही हमें दोष लगता है . जो पति पत्नी के बिच लड़ाई झगड़ा ग्रह क्लेश तथा और घर में गरीबी दरिद्रता का कारण बनता है.

दरअसल सिंदूर लगाने के पीछे अनेक कारण है, ज्योतिष कारण, समाजिक कारण और वैज्ञानिक कारण. तो दोस्तों आज हम इन सभी विषय पर बात करेंगे और साथ ही यह भी बताएंगे की किस तरिके से आप सिंदूर लगाए.

दोस्तों शास्त्रों में बताया गया है की यदि महिला सिंदूर लगाने का सही तरीका जान ले तो उनकी शक्ति और अधिक बढ़ जाती है. जैसे की दोस्तों त्राटक या मैडिटेशन से कोई भी व्यक्ति अपना सिक्स्थ सेन्स यानि की अपना छठा आज्ञा चक्र खोल देता है. और जिसका छठा आज्ञा चक्र जागृत होता है उसमे दुसरो की मन की बात जाने की शक्ति आ जाती है. ठीक उसी प्रकार आपने गौर किया होगा की जो महिला सदैव सिंदूर लगाकर रखती है उन्ह कई बार ऐसा होता है की जो भी कोई अनहोनी होने वाली होती है उसका उन्हें पहले ही आभास हो जाता है . दोस्तों इन चीज़ो को आप अपनी मम्मी, दादी , नानी या जो भी बुजुर्ग महिला है जो कई सालो से सिंदूर लगाती आई है. उनके व्यवहार तथा उनके आचरण को परख कर देख सकती है. ये सभी चीज़ उन्हें पहले से ज्ञात इसलिए हो जाती है क्योकि उनका आज्ञा चक्र जागृत अवस्था में होता है. दोस्तों नारी को एक शक्ति का रूप माना गया है. आपने ये गौर किया होगा की जब कोई भी गर्भवती महिला कन्या को जन्म देने वाली होती है उन नो महीने में उस महिला के साथ अच्छी घटनाये होने लगती है. उसकी जो भी मनोकामना होती वह पूरी होती है. शस्त्रों में ऐसा कहा गया यह सभी घटनाये इसलिए होती है क्योकि वह शक्ति को जन्म देने वाली होती है. ऐसा माना जाता की जो भी स्त्री सदैव सिंदूर लगा के रखती है उसमे ऐसी उर्जाये जागृत रहती है जो उन्हें हर परेशानी से बचाये रखती है साथ ही अपने परिवार को भी संरक्षण प्रदान करने का कार्य करती है.

दोस्तों अब बात करते है की कैसे मांग का सिंदूर आपको और आपके पति एवं परिवार को प्रभावित करता है. शस्त्रो के अनुसार जो भी स्त्री अपने मांग के सिंदूर को अपने बालो के पीछे छुपा लेती है तो उसके पति को समाज में मान समान नहीं मिल पाता. जिस उचाई को वह छूना चाहते है वहा तक वे पहुंच ही नहीं पाते तथा हमेसा असफल रहते है. समाज में तथा रिश्तेदारों के बिच में वह छुप कर रह जाते है. इसलिए सिंदूर जितना लम्बा आप लगाएंगे और आगे की तरफ माथे पर लगाएंगे आपके पति का भाग्य उतना ही अच्छा एवं प्रबल होगा. क्योकि माथे पर सिंदूर लगाने सी स्त्री की शक्तिया जागृत रहती है. कभी कभी महिला जब टेढ़ी मांग निकालती है तो उसी जगह पर वह सिंदूर लगा देती है शास्त्रों में ऐसा करना बहुत अशुभ मन गया है . ऐसा करना आपको आपके पति से दूर कर देता है. शास्त्रों में यह स्पष्ट बताया गया है की महिला को सदैव नाक की सिद्ध पर ही माथे में सिंदूर लगाना चाहिए. अगर आप ऑफिस में काम करने वाली महिला है या किसी कारण से आप रोज माथे पर सिंदूर नहीं लगा सकती है तो काम से काम जो आपके त्यौहार होते है आपकी सालगिराह होती है या आपके घर में कोई पूजा पाठ होती है करवा चौथ या कोई तीज का त्यौहार हो तो इन मोको पर आप अपने माथे पर सिंदूर अवश्य लगाए. क्योकि यह सुहाग की निशानी होती है तथा सिंदूर लगा कर आप कोई भी शुभ कार्य या पूजा पाठ करती है तो उसका फल कई गुना आपको मिलता है. नवविहित कन्या इस बात का जरूर ध्यान रखे की जो विवाह के समय उन्हें सिंदूर लगाया जाता है वह जो सिंदूर होता है उसे संभाल कर रखे. और जब कोई विशेष कार्य या विशेष पूजा आपके घर हो तो उस समय पर थोड़ा थोड़ा वह सिंदूर आप लगाए. इससे विवाह के समय जो आपको विशेष आशीर्वाद मिलता है वह हमेसा आपके कार्यो में आपको सफलता दिलाता है तथा आपके परिवार में खुशिया एवं सुख समृद्धि बनाये रखता है. इसके साथ ही कभी भी महिला को बगैर नहाये सिंदूर नहीं लगाना चाहिए . सबसे पहले महिला नहा ले और पूजा पाठ कर ले उसके बाद ही अपने माथे पर सिंदूर लगाए. सिंदूर लगाते समय सदैव आप अपने पति की लम्बी आयु तथा उनकी सफलता के बारे में ही सोचे इससे उनका भाग्य और भी अधिक प्रबल एवं शक्तिशाली बनता है. और सिंदूर लगाते समय माता पारवती को आप पहले ध्यान में लाये. क्योकि अखंड सौभाग्यवती का वरदान माता पारवती से ही प्राप्त होता है.

कई महिलाये बूटी पालर जाती है तथा वही जो भी महिला या मेकअप करने वाले होते है वह खुद ही सिंदूर महिला के सर पर लगा देते है. परन्तु यह भी अशुभ माना गया है. आप उन कर्मचारी को जानती नहीं हो उनका अचार व्यवहार आपको नहीं पता फिर भी आप आप उनसे सिंदूर लगाती है जो की सही नहीं है. हमेसा सिंदूर आप खुद ही लगाए या फिर अपने पति के हाथ से आपको सिंदूर लगाना चाहिए.

अगर आप कामख्या मंदिर कभी जाए तो वहा का सिंदूर आप अवश्य लाये. कामख्या माता के मंदिर का सिंदूर बहुत ही चमत्कारी माना गया है. और इसे यदि कोई सुहागिन महिला प्रत्येक दिन अपने माथे पर लगाए तो उसके घर परिवार में सदैव खुशिया बनी रहती है. तथा ऐसी सुहागिन महिला सदैव सौभाग्यवती रहती है. तथा पति पत्नी के बिच का रिलेशन सदैव सदैव के लिए बना रहता है. इसके साथ ही यदि सपने में आपको सिंदूर दिखाए दे तो यह भी बहुत ही शुभ माना जाता है. सपने में सिंदूर का दिखाई देना ऐसा माना जाता है की इससे आपको आपके मायके से को बहुत ही बड़ी खुसखबरी मिलने वाली है. और अगर कोई अशुभ आपके साथ होने वाला होता है तो वह भी टल जाता है. अगर कवारी स्त्री को सपने में सिंदूर दिखाई दे तो इसका मलतब है की उसकी शादी उसके मनचाहे पसंद के वर के साथ होने वाली होती है. अगर घर में आपकी आपके पति से बन रही है या घर में लड़ाई कलेश इत्यादि का माहौल रहता है तो इस दोष को दूर करने के लिए आप सरसो के तेल में थोड़ा सा सिंदूर मिलाकर अपने घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक या ॐ का प्रतीक बनाये. इससे आपके पति का प्यार आपके लिए कहि अधिक बढ़ जाता है. और कलेश इत्यादि का महोल दूर हो जाता है.